यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 04, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जानिए- भारत से व्यापार करने पर पाकिस्तान ने क्यों किया इनकार और भारत ने क्या दिया जवाब
भारत से व्यापार के लिए न कहकर पाकिस्तान ने संबंधों को फिर तनाव देने का काम किया है। पाकिस्तान की ...और पढ़ें

नई दिल्ली (ऑनलाइन डेस्क। भारत पाकिस्तान संबंधों में कुछ दिन से आ रही गरमाहट पर इमरान खान सरकार ने एक बार फिर से ब्रेक लगाकर दोनों देशों में दूरी बढ़ाने का काम किया है। पाकिस्तान सरकार ने ऐसा दरअसल भारत के साथ व्यापार करने से इनकार करके किया है। कुछ दिनों पहले शुरू हुई दोनों देशों के रिश्तों की गरमाहट इससे कम हो सकती है। आपको बता दें कि 25 फरवरी 2021 को दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन के बीच वार्ता हुई थी। इसके बाद दोनों देश सीमा पर शांति बहाली को लेकर सीजफायर को तैयार हुए थे। वर्षों बाद अचानक हुई इस वार्ता ने जहां सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था वहीं ये भी सवाल उठने लगे कि ऐसा अचानक क्यों और कैसे हुआ। इसके बाद दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच पत्र व्यवहार शुरू हुआ।
इसके बाद इस्लामाबाद में हुए सिक्योरिटी डायलॉग में पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा ने कहा कि दोनों देशों को बीती बातें भुलाकर संबंधों को मजबूत करने की पहल करनी चाहिए। उन्होंने ये भी कहा था कि दोनों देशों को सभी मुद्दों पर बातचीत करनी चाहिए जिसमें कश्मीर भी शामिल है। हालांकि इस सिक्योरिटी डायलॉग में इमरान खान ने कहा कि संबंध सुधारने के लिए बातचीत की पहल भारत को करनी होगी। उनका ये बयान उस बयान से बिल्कुल अलग था जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत एक कदम चलेगा तो पाकिस्तान दो कदम चलने के लिए तैयार है। इसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान दिवस पर बधाई दी और दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने की पहल की। इसके बाद इमरान खान की तरफ से भी पीएम मोदी को पत्र लिखा गया था, जिसमें संबंधों को सुधारने की पहल की बात की गई थी। इसके बाद ही दोनों देशों के बीच व्यापार की शुरुआत करने की कवायद शुरू हुई थी।
पाकिस्तान की तरफ से कहा गया था कि वो भारत के साथ व्यापार की शुरुआत करेगा। इसके तहत पाकिस्तान में आर्थिक समन्वय समिति (ईसीसी) की बैठक हुई थी। इसमें कई प्रस्ताव पेश किए गए। ईसीसी से विचार के बाद भारत से कपास और चीनी के आयात को स्वीकृति प्रदान की गई थी। के अखबार द डॉन ने लिखा है कि इस स्वीकृति के बाद कैबिनेट की बैठक में इसको लेकर चर्चा हुई। जिसमें इमरान खान की तरफ से कहा गया कि कश्मीर मुद्दे पर दोनों देशों में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान भारत से कारोबार को आगे नहीं बढ़ा सकता है। इसके जवाब में भारत ने कहा कि वो आतंकवाद, शत्रुता और हिंसा मुक्त माहौल पाकिस्तान से बेहतर संबंध बनाने का इच्छुक है। भारत ने साफ कर दिया है कि अब ये पाकिस्तान को तय करना है कि वो संबंधों को बेहतर बनाने के लिए पहल करे।