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'कहां गई मुमताज बेगम', गुवाहाटी HC का केंद्र और राज्य सरकार को आदेश; बांग्लादेश भेजी गई महिला को ढूंढो

Published: Fri, 16 Oct 2026 08:04 AM (IST)

गुवाहाटी हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को बांग्लादेश भेजी गई मुमताज बेगम का पता लगाने का आदेश दिया है।

गुवाहाटी हाई कोर्ट ने बांग्लादेश भेजी गई महिला को ढूंढने का दिया आदेश (फाइल फोटो)

गुवाहाटी हाई कोर्ट ने बांग्लादेश भेजी गई महिला को ढूंढने का दिया आदेश (फाइल फोटो)

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने बांग्लादेश भेजी गई महिला का पता लगाने को कहा।

  2. मुमताज बेगम को 'विदेशी' घोषित कर जून में भेजा गया था।

  3. कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से हलफनामा मांगा।

डिजिटल डेस्क, गुवाहाटी। गुवाहाटी हाई कोर्ट ने बांग्लादेश भेजी गई महिला का पता लगाने का ऑर्डर दिया है। हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि उस महिला का पता लगाने के लिए कदम उठाएं, जिसे 'फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल' (विदेशी न्यायाधिकरण) ने विदेशी घोषित किया था और जून में बांग्लादेश भेज दिया था।

'फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल' और सीमा मामलों के सरकारी वकील ने जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए कोर्ट से समय मांगा। हाई कोर्ट ने 6 नवंबर से पहले हलफनामा दाखिल करने के लिए गया है।

कहां हैं मुमताज?

जस्टिस कल्याण राय सुराना और जस्टिस प्रांजल दास की खंडपीठ के सामने इस मामले की सुनवाई हुई। खंडपीठ ने आदेश दिया, 'अगली सुनवाई से पहले, विदेश मंत्रालय और राज्य प्रशासन उस महिला का पता लगाने के लिए कदम उठाएं, जिसे विदेशी घोषित किया गया था।'

नागांव जिले के ढिंग गांव की रहने वाली मुमताज बेगम (उर्फ मुमताज) को 30 मई को हिरासत में लिया गया था और लगभग दो सप्ताह बाद उसे बांग्लादेश भेज दिया गया था।

कोर्ट ने माना है कि मुमताज बेगम को न तो ट्रिब्यूनल के फैसले की कॉपी दी गई थी और न ही उसे इस फैसले को चुनौती देने का मौका दिया गया। यह मामला उसके पति मुजम्मेल हक द्वारा दायर की गई एक 'हेबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका (W.P.(Crl.)/26/2026) से जुड़ा है।

मुमताज को ढूंढने के लिए जांच जारी

7 अक्टूबर को विदेश मंत्रालय के वकील ने कोर्ट में एक पत्र जमा करते हुए बताया था कि महिला का पता लगाने के लिए जांच चल रही है और केंद्र सरकार को इसके लिए और समय चाहिए।

'फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल' ने पहली बार 6 जून 2019 को मुमताज बेगम को विदेशी घोषित किया था। 20 अप्रैल 2026 को हाई कोर्ट ने उस फैसले को रद कर दिया, क्योंकि ट्रिब्यूनल ने सभी सबूतों पर विचार नहीं किया था। मामले को वापस भेजते हुए, उसे 30 मई तक पेश होने का निर्देश दिया गया।

मुमताज के पति के मुताबिक, वह 30 मई को अपने वकील के साथ ट्रिब्यूनल में पेश हुई और अदालत का आदेश दिखाया। वकील के जाने के बाद, पुलिस ने उसे ट्रिब्यूनल परिसर से गिरफ्तार कर लिया और गोलपारा जिले के मटिया स्थित डिटेंशन कैंप में भेज दिया।

3 जून को उसे श्रीभूमि ले जाया गया, जहां उसे एक होल्डिंग सेंटर में रखा गया और बाद में BSF को सौंप दिया गया, जिन्होंने 13 जून को उसे बांग्लादेश भेज दिया।

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