विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'असम के लोग हर 5 साल में चाहते हैं SIR', विपक्ष के आरोपों पर बोले राज्य मंत्री जयंत मल्ला बरुआ

Published: Wed, 14 Oct 2026 01:29 PM (IST)

असम के कैबिनेट मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने हर पांच साल में वोटर लिस्ट के SIR की मांग की है, ताकि राज्य से विदेशियों के नाम हटाए जा सकें।

राज्य मंत्री बरुआ ने हर पांच साल में वोटर लिस्ट के SIR की मांग की।

राज्य मंत्री बरुआ ने हर पांच साल में वोटर लिस्ट के SIR की मांग की।

HighLights

  1. मंत्री बरुआ ने हर पांच साल में वोटर लिस्ट के SIR की मांग की।

  2. उन्होंने EVM पर विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस को घेरा।

  3. नलबाड़ी रैली में डबल इंजन सरकार को जनता का भारी समर्थन मिला।

डिजिटल डेस्क, गुवाहटी। असम के कैबिनेट मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने हर पांच साल में वोटर लिस्ट के SIR की मांग की। एक न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया राज्य की वोटर लिस्ट को संशोधित करने के लिए जरूरी है।

कैबिनेट मंत्री का विपक्ष पर निशाना

असम के नलबाड़ी में मंगलवार को जन जागरण सम्मेलन रैली में बोलते हुए, बरुआ ने EVM को लेकर विपक्ष के आरोपों और बैलेट पेपर से वोटिंग की मांग पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।

बरुआ ने कहा, 'हर कोई असम में SIR चाहता है। असम की वोटर लिस्ट में किसी भी विदेशी का नाम नहीं रहना चाहिए।' असम में अवैध घुसपैठ के खिलाफ छह साल तक चले आंदोलन का जिक्र करते हुए मंत्री ने तर्क दिया कि राज्य के पास वोटर लिस्ट की जांच-पड़ताल करने के खास कारण हैं।

EVM पर सवाल के बीच विपक्ष पर वार

बरुआ ने कांग्रेस पर अपनी चुनावी हार के लिए EVM को दोष देने का आरोप भी लगाया और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की हालिया टिप्पणी का जिक्र किया जिसमें उन्होंने विपक्ष को बैलेट पेपर का इस्तेमाल करके चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी।

उन्होंने कहा, 'कांग्रेस कभी जनता के साथ खड़ी नहीं होती, इसीलिए वे हारते रहते हैं। और हारने के बाद, वे EVM या कभी-कभी बैलेट पेपर को दोष देते हैं या दूसरे बहाने बनाते हैं।'

मंत्री की ये टिप्पणियां चुनावी निष्पक्षता, वोटर लिस्ट और चुनाव प्रक्रिया के खिलाफ विपक्ष के आरोपों पर चल रही राजनीतिक बहस के बीच आई हैं।

जनता ने डबल इंजन की सरकार का किया समर्थन

नलबाड़ी रैली, जिसमें आयोजकों के अनुसार 30,000 से ज्यादा लोग शामिल हुए थे, उसमें युवाओं और महिलाओं ने केंद्र और असम में BJP के नेतृत्व वाली सरकारों के प्रति अपना समर्थन भी जताया।

बरुआ ने दावा किया कि युवा और महिलाएं राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार के रुख का समर्थन करने के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध करने वाले समूहों की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि वे देश के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं।यह भी पढ़ें- असम के ग्वालपाड़ा में 12 बांग्लादेशी घुसपैठिए गिरफ्तार, दलाल के जरिए भारत में घुसे