होर्मुज में फंसे LPG जहाज भारत कब पहुंचेंगे? देश के लिए आई गुड न्यूज; खत्म होगी गैस की दिक्कत
ईरान-इजराइल तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षित निकासी शुरू हो गई है। दो टैंकर भारत ...और पढ़ें

भारत आ रहे LPG से भरे जहाज (फोटो-रॉयटर्स)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। ईरान-इजराइल तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे भारतीय जहाजों की सुरक्षित निकासी को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। सरकार के उच्च पदस्थ अधिकारियों ने आज बताया कि होर्मुज से दो एलपीजी टैंकर सुरक्षित निकल चुके हैं और भारत की ओर बढ़ रहे हैं।
इसके अलावा होर्मुज के पश्चिम क्षेत्र में फंसे 20 जहाजों में से कुछ और एलपीजी जहाजों के अगले कुछ घंटों में वहां से बाहर निकलने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। इस बारे में भारत ईरान के साथ संपर्क में है।
LPG लेकर कब आएंगे भारतीय जहाज?
अधिकारियों ने यह बात मंगलवार को नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के भारत में राजदूत मोहम्मद फताली के बीच हुई मुलाकात के बाद दी है।
इसके अलावा मौजूदा विवाद के शुरू होने के बाद ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से भारतीय कंपनियों ने एलपीजी की जो खरीद की है, उनके भी हफ्ते से दस दिनों मे भारतीय तट पर आने की संभावना है। अधिकारी मान रहे हैं कि इन जहाजों के आने के साथ ही भारत एलपीजी संकट के सबसे खराब दौर से बाहर निकल जाएगा।
सरकार की तरफ से एक दिन पहले ही बताया गया है कि दो एलपीजी टैंकर पाइन गैस और जग वसंत ने सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर लिया है था। इन दोनों जहाजों में कुल 92,612 टन एलपीजी लदी हुई है, जो देश की लगभग एक दिन की राष्ट्रीय खपत के बराबर है।
जग वसंत गुरुवार सुबह (26 मार्च) को गुजरात के कांडला बंदरगाह पहुंचने वाला है, जबकि पाइन गैस 27 मार्च को न्यू मंगलौर बंदरगाह पहुंचने की संभावना है। दोनों जहाजों पर कुल 60 भारतीय नाविक सवार हैं।
होर्मुज में भारत के 20 जहाज
होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में अभी भी लगभग 20 भारतीय जहाज हैं, जिनमें 5 एलपीजी टैंकर शामिल हैं। जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया है कि छह लोडेड एलपीजी कैरियर जल्द ही रवाना होने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि ईरान की ओर से इन जहाजों पर कोई टोल नहीं लगाया जा रहा है और यूएनसीएलओएस के तहत नौवहन की स्वतंत्रता बनी हुई है।
अधिकारी बता रहे हैं कि एक जहाज में तकरीबन 45 हजार एलपीजी है लेकिन यह देश में एलपीजी आपूर्ति को निर्बाध बना कर रखने के लिए बेहद उपयोगी है।
भारत में औसतन 80 हजार से एक लाख टन एलपीजी की खपत होती है। इसका 60 फीसद आयात होता है। लेकिन अभी घरेलू रिफाइनरियों ने घरेलू एलपीजी का उत्पादन 38 फीसद तक बढ़ा दिया है। इससे घरेलू आपूर्ति बेहतर हो गई है।
यही नहीं भारतीय तट पर अमेरिका व ऑस्ट्रेलिया से खरीदे गए एलपीजी के 5-6 जहाज भी पहुंचने वाले हैं। अगर इसी बीच ईरान से हो रही बातचीत के भी सकारात्मक असर होने की पूरी संभावना है।
इसी बीच पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे सामान्य खपत बनाए रखें और अनावश्यक पैनिक बुकिंग न करें।
देश के कई हिस्सो में पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति को लेकर अफवाहों को भी केंद्र सरकार और सरकारी क्षेत्र की तीनों पेट्रोलियम कंपनियों (एचपीसीएल, बीपीसीएल और आइओसी) ने खारिज किया है।
आइओसी ने कहा है कि देश में कहीं भी पेट्रोल या डीजल की आपूर्ति की कोई किल्लत नहीं है। इंडियन ऑयल के सारे स्टोरेज में पर्याप्त भंडार हैं। जनता से आग्रह किया गया है कि वह अफरा-तफरी में खरीदारी नहीं करे।
