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LPG से PNG पर शिफ्ट होने के लिए सरकार दे रही कितना समय? नहीं मानी बात तो कट जाएगा कनेक्शन

Published: Wed, 25 Mar 2026 09:04 PM (GMT+05:30)

पेट्रोलियम मंत्रालय ने नया आदेश जारी किया है जिसके तहत पीएनजी सुविधा वाले घरों को एलपीजी से पीएनजी पर स्विच ...और पढ़ें

LPG की जगह लेना होगा PNG कनेक्शन

LPG की जगह लेना होगा PNG कनेक्शन

HighLights

  1. पीएनजी सुविधा वाले घरों को तीन माह में स्विच करना होगा।

  2. समय पर स्विच न करने पर एलपीजी आपूर्ति बंद हो जाएगी।

  3. यह कदम एलपीजी कमी और गैस नेटवर्क विस्तार हेतु है।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। घर में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद अगर आप एलपीजी सिलिंडर का इस्तेमाल जारी रखते हैं तो तीन महीने बाद आपकी एलपीजी सप्लाई बंद हो जाएगी।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मंगलवार को जारी एक नए आदेश में यह सख्त प्रावधान किया है। यह कदम पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण पैदा हुई एलपीजी की कमी को दूर करने और देश में नेचुरल गैस पाइपलाइन नेटवर्क को तेजी से फैलाने के लिए उठाया गया है।

सरकार का कहना है कि पीएनजी उत्पाद में देश की स्थिति एलपीजी से बेहतर है। लिहाजा जिस भी आवासीय इकाई के पास पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है, उसे इसका ही इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही सिलिंडर बुक करने या घर पर रखने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि यह सीधे पाइप से आती रहती है।

तीन महीने में कट जाएगा LPG कनेक्शन

'नेचुरल गैस एंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर, 2026' नाम के इस आदेश के तहत जहां भी पीएनजी पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां के सभी घरों को पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा।

सरकार या अधिकृत एजेंसियों की तरफ से संबंधित घरों को सूचना दी जाएगी और तीन महीने के अंदर एलपीजी से पीएनजी में स्विच करना होगा।

अगर कोई घर पीएनजी कनेक्शन नहीं लेता, तो तीसरे महीने के बाद उस पते पर एलपीजी सप्लाई बंद कर दी जाएगी। अगर किसी तकनीकी वजब से पीएनजी कनेक्शन देना संभव नहीं है तो अधिकृत एजेंसी 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (एनओसी) जारी कर सकती है।

ऐसी स्थिति में एलपीजी जारी रहेगी लेकिन एनओसी को रिकॉर्ड में रखा जाएगा और जैसे ही कनेक्शन संभव होगा, इसे वापस ले लिया जाएगा।

आदेश का मकसद उन क्षेत्रों से एलपीजी की बचत करना है जहां पाइपलाइन पहुंच चुकी है, ताकि उस एलपीजी को पाइपलाइन न पहुंचे वाले दूरदराज के इलाकों में भेजा जा सके। यह सरकार की ईंधन के विविधीकरण की योजना का भी हिस्सा है।

संकट को अवसर में बदलने की सरकार की नीति

पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय में सचिव नीरज मित्तल ने एक्स पर लिखा है कि, 'संकट को अवसर में बदल दिया गया है।'

आदेश में पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है, राज्य सरकारों की एजेंसियों की तरफ से दी जाने वाली मंजूरी के लिए समयबद्ध समयसीमा तय की गई है, अगर समय पर मंजूरी न मिले तो उसे माना जाएगा कि मंजूरी दे दी गई है।

आवासीय सोसाइटियों में एक्सेस कंट्रोल करने वाली संस्थाओं को तीन कार्य दिवस में अनुमति देनी होगी और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी 48 घंटे में देनी होगी। आवेदन बिना वजह खारिज नहीं किए जा सकेंगे।

पाइपलाइन बिछाने वाली कंपनियों को मंजूरी मिलने के चार महीने के अंदर काम शुरू करना होगा, अन्यथा पेनल्टी लग सकती है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) इस आदेश के क्रियान्वयन की निगरानी करेगा।

केंद्र सरकार लगातार बता रही है कि देश में अभी 1.5 से 1.6 करोड़ पीएनजी कनेक्शन हैं लेकिन जहां पीएनजी ढांचा पहुंचाई जा चुकी है वहां 60 लाख घर ऐसे हैं कि जो पीएनजी ले सकते हैं लेकिन अभी वो एलपीजी का इस्तेमाल कर रहे हैं।

सरकार इन घरों को जल्द से जल्द पीएनजी में लाना चाहती है। पीएनजी ढांचे के साथ बसे वाणिज्यिक केंद्रों (दुकान, होटल आदि) को भी पीएनजी कनेक्शन देने का अभियान शुरू किया गया है। पिछले कुछ दिनों के भीतर 2.2 लाख नये पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं।

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