नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। पाकिस्‍तान के बालाकोट में हुई एयर स्‍ट्राइक के बाद पाकिस्‍तान के दो लड़ाकू विमानों ने भारतीय हवाई क्षेत्र का उल्‍लंघन किया है। एजेंसी की मानें तो इन विमानों राजौरी में बम भी गिराए हैं। इस घटना के बाद भारत ने ए‍हतियातन लेह, जम्‍मू, श्रीनगर और पठानकोट में हाई अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा कुछ कमर्शियल फ्लाइटस को रेाक दिया गया है। इस बीच चीन के विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों से संयंम बरतने की अपील की है। चीन की तरफ से उम्‍मीद जताई गई है कि विवादों को बातचीत से हल किया जाएगा।

ये है युद्ध
लेकिन जहां तक पाकिस्‍तान के लड़ाकू विमानों के भारतीय सीमा में घुसने और राजौरी में बम गिराने की बात है तो रिटायर्ड एयर वाइस मार्शल कपिल काक इसको युद्ध की संज्ञा देते हैं। उनका कहना है कि भारत ने पाकिस्‍तान स्थित बालाकोट में जो एयर स्‍ट्राइक हुई वह पूरी तरह से टेरर टार्गेट थी। इसमें किसी भी तरह से रिहाइशी इलाकों को और पाकिस्‍तान की सेना को निशाना नहीं बनाया गया था। उनका कहना था कि भारत को न तो पाकिस्‍तान की जनता से कोई नफरत है और न ही पाक आर्मी से। दुनिया जानती है कि पाकिस्‍तान आतंकियों को शरण देता है और उन्‍हें ट्रेनिंग देने का काम करता है। इन आतंकियों को वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई और सेना से पूरी मदद मिलती है।

पाक ने कई चीजों को किया नजरअंदाज
आपको बता दें कि भारत द्वारा की गई एयर स्‍ट्राइक के बाद पाकिस्‍तान आर्मी की तरफ से जो प्रेस कांफ्रेंस की गई थी उसमें कई बातों को नजरअंदाज कर दिया गया। इतना ही नहीं पत्रकारों के कुछ सवालों के जवाब देने से भी पाकिस्‍तान आर्मी बचती दिखाई दी। इस पर एयर वाइस मार्शन का कहना था कि सारी चीजों को बताने से पाकिस्‍तान पर घरेलू दबाव बढ़ सकता था। इस दौरान उन्‍होंने पाकिस्‍तान में हुई हाई-प्रोफाइल बैठकों और पार्लियामेंट के ज्‍वाइंट सेशन का भी जिक्र किया है। यह सब कुछ अपनी ताकत को आंकने या रिव्‍यू करने के लिए किया गया था। लेकिन यदि भारत में घुसकर पाकिस्‍तान किसी भी तरह की एयर स्‍ट्राइक करता है तो इसको युद्ध ही कहा जाएगा।

पूरी दुनिया की निगाह भारत-पाक पर लगी
इन सभी के बावजूद काक का कहना था कि दोनों ही देशों को संयंम बरतना बेहद जरूरी है। भारत और पाकिस्‍तान पर पूरी दुनिया की निगाह लगी है। अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय भी चाहता है कि दोनों ही देश संयंम बरतें। क्‍योंकि दोनों देशों के बीच युद्ध काफी भयावह रूप ले सकता है। उन्‍होंने पिछली सरकारों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने कई बार बेहद संयंम बरता है। कारगिल युद्ध में भी भारत ने संयंम के साथ जवाब दिया था। इस युद्ध के बाद भी भारत ने कभी भी उन जगहों को निशाना नहीं बनाया जो रिहाइशी इलाके हैं।

बालाकोट नहीं है श्रीनगर एयरपोर्ट
जम्‍मू कश्‍मीर के एयरपोर्ट के बाबत उनका कहना था कि श्रीनगर एयरपोर्ट बालाकोट नहीं है। जहां तक यहां के एयरपोर्ट की सुरक्षा की बात है तो यहां पर मिसाइलें तैनात हैं। इसके अलावा वायुसेना के विमान वहां पर मौजूद हैं। लिहाजा इसको युद्ध की आशंका में खाली नहीं कराया जा सकता है। लेकिन अगर पाकिस्‍तान ने किसी भी सूरत से इसको निशाना बनाने की कोशिश की तो यह युद्ध की खुली चुनौती होगी जिसपर भारत भी जरूर कार्रवाई करेगा और करनी ही चाहिए। उनके मुताबिक इस जंग में पाकिस्‍तान बुरी तरह से हार जाएगा। उनमें वो हिम्‍मत नहीं है कि वह भारत के सामने अधिक समय तक टिक भी पाए। लेकिन इस तरह का कदम उठाने से पहले वह कई बार सोचेगा। ऐसा इसलिए क्‍योंकि उसको विश्‍व समुदाय को यह बताना होगा कि आखिर उसने ऐसा क्‍यों किया। जहां तक परमाणु हमले की बात है तो पाकिस्‍तान के लिए यह आत्‍मघाती कदम होगा और साथ ही भारत के लिए भी यह काफी बुरा होगा। वहीं विश्‍व दोनों ही देशों को इसके लिए कभी माफ नहीं करेगा। आपको बता दें कि पूरा विश्‍व दोनों देशों को हर हाल में संयंम बरतने की बात कह रहा है।

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Posted By: Kamal Verma

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