नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात सुपर कॉप की छवि रखने वाले इंस्पेक्टर बद्रीश दत्त की मौत पर एक बार फिर से सवाल उठ रहे हैं। गुड़गांव पुलिस ने भले ही बैलिस्टिक जांच व फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर यह दावा किया था कि इंस्पेक्टर बद्रीश दत्त ने प्रेमिका गीता को गोली मारने के बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। लेकिन गुड़गांव पुलिस की यह दलील अब तक किसी को हजम नहीं हो पाई है। हाल ही में आई मुद्गल कमेटी की रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि बद्रीश की मौत के पीछे निश्चित तौर पर अंडरव‌र्ल्ड का हाथ हो सकता है। इस संबंध में कोई भी आला अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

मुद्गल कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि फोन इंटरसेप्शन में जब दो बुकियों की बातचीत सुनी गई तो उसमें एक बुकी दूसरे को धमकी देते हुए कहता है कि वह उसका भी वही हाल कराएगा जैसा इंस्पेक्टर बद्रीश दत्त का हुआ था। इससे साफ है कि बद्रीश की मौत के पीछे देश से बाहर बैठे अंडरव‌र्ल्ड की बहुत बड़ी साजिश हो सकती है, जिसका पुलिस पता नहीं लगाना चाहती।

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दो दिलों की तन्हाई बन गई बर्बादी का सबब

एक माह से परेशान थे इंस्पेक्टर बद्रीश दत्त

गुड़गांव, डीएलएफ के सहायक पुलिस आयुक्त दलवीर सिंह का कहना है कि बैलिस्टिक रिपोर्ट में बद्रीश के हाथ में बारुद मिला था, जिससे पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची थी कि उसने आत्महत्या की थी। बद्रीश अचूक निशानेबाज व फोन इंटरसेप्शन के मास्टर थे। इंटरसेप्शन के जरिए उन्होंने ही स्पॉट फिक्सिंग से जुड़े बुकियों की बातचीत सुनी थी और दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों को यह बात बताई थी।

आला अधिकारियों के निर्देश पर उन्होंने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी लेकिन उसके कुछ दिन बाद ही गुड़गांव में एक फ्लैट में उनकी मौत हो गई। कमरे में उनकी प्रेमिका भी मृत मिली थी। उसके एक हफ्ते बाद दिल्ली पुलिस ने स्पॉट फिक्सिंग मामले का खुलासा कर देश में सनसनी फैला दी थी। मामले में तीन क्रिकेट खिलाड़ी व 30 बुकी समेत करीब 40 लोग पकड़े जा चुके हैं। उस दौरान यह बात सामने आई थी कि यह काम अंडरव‌र्ल्ड के इशारे पर किया जाता है। लेकिन जांच में पुलिस वहां तक नहीं पहुंची।

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