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पूर्व LTTE प्रमुख प्रभाकरन की पुण्यतिथि पर सीएम जोसेफ विजय ने दी श्रद्धांजलि, मुल्लीवाइक्कल का क्यों किया जिक्र?

Published: Tue, 19 May 2026 07:42 AM (IST)

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने एलटीटीई प्रमुख प्रभाकरन की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी, मुल्लीवाइक्कल का जिक्र किया।

सीएम जोसेफ विजय और प्रभाकरन।

सीएम जोसेफ विजय और प्रभाकरन।

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने आज लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के संस्थापक वी. प्रभाकरन को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी।

श्रीलंका के मुल्लीवाइक्कल नाम की जगह का जिक्र करते हुए विजय ने एक्स पर कहा, "हम मुल्लीवाइक्कल की यादों को अपने दिलों में संजोकर रखेंगे! हम समुद्र पार रहने वाले अपने तमिल भाई-बहनों के अधिकारों के लिए हमेशा एकजुट होकर खड़े रहेंगे!" बता दें कि मुल्लीवाइक्कल में ही 2009 में इसी दिन श्रीलंकाई सेना ने उन्हें गोली मार दी थी।

पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या में रही भूमिका

1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या में अपनी भूमिका के कारण भारत में LTTE पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस मामले में प्रभाकरण को मुख्य आरोपी बनाया गया था। दुनिया भर में रहने वाले श्रीलंकाई तमिल और भारत में रहने वाले तमिलों का एक वर्ग 18 मई को 'मुल्लीवाइक्कल स्मरण दिवस' या 'तमिल नरसंहार स्मरण दिवस' के रूप में मनाता है।

यह 2009 में श्रीलंकाई गृहयुद्ध के दुखद अंत का प्रतीक है और उन हजारों तमिल नागरिकों की याद दिलाता है जो मुल्लीवाइक्कल के तटीय गांव में हुए अंतिम और क्रूर हमले के दौरान मारे गए, घायल हुए या लापता हो गए थे।

अलग जमीन की मांग को लेकर शुरू हुआ संघर्ष

श्रीलंका में रहने वाले उन श्रीलंकाई तमिलों के लिए एक अलग मातृभूमि की मांग के रूप में शुरू हुआ यह संघर्ष अपने अंतिम चरण में एक पूर्ण-स्तरीय सशस्त्र युद्ध में बदल गया और लगभग 30 वर्षों तक चलने वाले एक जातीय युद्ध का रूप ले लिया। हालिया विधानसभा चुनावों में श्रीलंकाई तमिलों का मुद्दा कोई प्रमुख चुनावी मुद्दा नहीं था।

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