नई दिल्ली । पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल पर लगाए गए राष्ट्रद्रोह के आरोप का केस सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपनी दूसरी पीठ को सौंप दिया। जस्टिस वी. गोपाल गौड़ा व अमिताव रॉय की पीठ ने हार्दिक के वकील कपिल सिब्बल की दलीलों को आधा घंटा सुनने के बाद सिर्फ इतना कहा-हम इस केस को दूसरी पीठ को सौंपेंगे। उन्होंने इसकी कोई वजह नहीं बताई। जैसे ही सिब्बल की दलीलें खत्म हुई, दोनों जजों ने 2-3 मिनट बात की और फिर यह फैसला किया।

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उल्लेखनीय है कि हार्दिक ने अपने समर्थकों से कहा था कि वे आत्महत्या करने की बजाए गुजरात पुलिस के जवानों को मारे या उनकी हत्या कर दें। सिब्बल ने कोर्ट से कहा कि हार्दिक पर राष्ट्रद्रोह का केस नहीं बनता है। अर्जी पर तुरंत सुनवाई का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि कथित धमकी 3 अक्टूबर की है, जबकि उसकी एफआईआर 18 अक्टूबर को दायर की गई।

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Edited By: Sanjeev Tiwari