विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'देश में अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ आतंकवाद का खतरा', लाल किला हमले का जिक्र कर बोले केंद्रीय गृह सचिव

Published: Sat, 17 Oct 2026 12:36 PM (IST)

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने कहा कि देश में वामपंथी उग्रवाद और पूर्वोत्तर विद्रोह में कमी आई है। उन्होंने ...और पढ़ें

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन

HighLights

  1. वामपंथी उग्रवाद और पूर्वोत्तर विद्रोह में आई कमी।

  2. नशीले पदार्थ, साइबर अपराध नई प्रमुख चुनौतियां।

  3. आतंकवाद, अवैध विदेशी, गुमनाम अपराध भी चुनौती।

डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने देश में आए बदलावों के बारे में बताया है। गृह सचिव ने कहा, 'पिछले 50 वर्षों से हम वामपंथी उग्रवाद, पूर्वोत्तर में विद्रोह और देश के भीतर पैदा हुए या विदेशों से प्रेरित आतंकवाद से जूझ रहे हैं। इन सभी स्थितियों में एक बड़ा बदलाव आया है।'

गोविंद मोहन ने आगे बताया, 'हिंसक नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म हो चुका है। पूर्वोत्तर में विद्रोह अब बहुत ही सीमित रह गया है। पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में जो हो रहा है, वह विद्रोह नहीं, बल्कि मुख्य रूप से जातीय संघर्ष है।'

गृह सचिव गोविंद मोहन ने ये बात सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) में IPS प्रोबेशनर्स के 78वें रेगुलर रिक्रूट (2025 बैच) की दीक्षांत समारोह के दौरान कहीं।

अधिकारियों के सामने 5 चुनौतियां

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने IPS अधिकारियों के सामने भविष्य में आने वाली चुनौतियों के बारे में बताते हुए कहा, 'भले ही पारंपरिक चुनौतियां कम हुई हैं, लेकिन अब नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। मैं ऐसी पांच प्रमुख चुनौतियों का जिक्र करूंगा जिनका सामना आपको अपने करियर में आगे बढ़ने पर करना होगा।'

  • पहली चुनौती नशीले पदार्थों (नारकोटिक्स) की है। 2019 के एक सर्वे के अनुसार, भारत की लगभग 7% आबादी किसी न किसी रूप में नशीले पदार्थों का सेवन करती है।
  • दूसरी चुनौती साइबर अपराध की है। साइबर अपराध करना बहुत आसान है, आज बहुत कम कौशल और जानकारी रखने वाले लोग भी आसानी से साइबर अपराधी बन सकते हैं।
  • तीसरी चुनौती—हालांकि मैंने कहा था कि देश के भीतर पैदा होने वाला आतंकवाद बहुत कम हो गया है, लेकिन दिल्ली के लाल किले में हाल ही में हुए विस्फोट बताते हैं कि यह पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अभी भी कुछ ऐसे इलाके हैं, और चाहे अपराधी समाज के किसी भी वर्ग से आते हों, देश के भीतर पैदा होने वाले और विदेशों से प्रेरित आतंकवाद की समस्या अभी भी बनी हुई है। यह अभी खत्म नहीं हुई है।
  • चौथी समस्या या चुनौती उन अवैध विदेशियों की है जो यहां आते हैं, रुकते हैं, अपराध करते हैं, लोगों को कट्टरपंथी बनाते हैं और देश के बाजारों को नुकसान पहुंचाते हैं।
  • आखिरी और पांचवीं चुनौती अपराध के 'गुमनाम' (एनोनिमस) होने की है। तकनीक ने अपराधियों को कानून लागू करने वाली एजेंसियों की नजरों से छिपा दिया है।

यह भी पढ़ें- हैदराबाद में डांडिया इवेंट में बवाल, VHP-बजरंग दल ने किया 22 गैर हिंदुओं को पकड़ने का दावा; पंडाल में हुई हाथापाई