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'गुलाम जम्मू-कश्मीर में हो रही है हलचल', PoJK को लेकर विदेश मंत्री जयशंकर ने कही ये बड़ी बात

Jaishankar on PoJK विदेश मंत्री ने कहा कि हमारी तरफ के लोग वास्तव में प्रगति कर रहे हैं। दूसरे पक्ष के लोगों को कब्जे में होने भेदभाव होने और बुरा व्यवहार होने का अहसास है। स्पष्ट रूप से ऐसी कोई भी तुलना उनके दिमाग में घर कर जाएगी। पीओजेके के भारत में विलय पर जयशंकर ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर का वह हिस्सा हमेशा हमारा था और रहेगा।

By Agency Edited By: Babli Kumari Published: Wed, 15 May 2024 10:41 PM (IST)Updated: Wed, 15 May 2024 11:45 PM (IST)
विदेश मंत्री एस जयशंकर ( फाइल फोटो )

आइएएनएस, नई दिल्ली। गुलाम जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में अशांति पर टिप्पणी करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को कहा कि उन्हें इस बात में कोई संदेह नहीं है कि वहां रहने वाले लोग अपनी स्थिति की तुलना जम्मू-कश्मीर के लोगों से करेंगे। जयशंकर ने कहा, गुलाम जम्मू-कश्मीर में हलचल हो रही है।

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आप इसे इंटरनेट मीडिया या टेलीविजन पर देख सकते हैं। इसका विश्लेषण बहुत जटिल है, लेकिन निश्चित रूप से मेरे मन में कोई संदेह नहीं है कि पीओजेके में रहने वाले लोग अपनी स्थिति की तुलना जम्मू-कश्मीर के लोगों से कर रहे हैं।

विदेश मंत्री ने कहा कि हमारी तरफ के लोग वास्तव में प्रगति कर रहे हैं। दूसरे पक्ष के लोगों को कब्जे में होने, भेदभाव होने और बुरा व्यवहार होने का अहसास है। स्पष्ट रूप से ऐसी कोई भी तुलना उनके दिमाग में घर कर जाएगी। पीओजेके के भारत में विलय पर जयशंकर ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर का वह हिस्सा हमेशा हमारा था और रहेगा।

यूकेपीएनपी ने शिकायतों को दोहराया

बिजली मूल्य के उचित निर्धारण और रियायती आटे की मांगें पूरा करने के लिए इस्लामाबाद द्वारा अनुदान की घोषणा के बाद गुलाम जम्मू-कश्मीर में हिंसक विरोध प्रदर्शन रुक गया है। हालांकि, ब्रिटेन स्थित-यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) ने क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों को दोहराया है। यूकेपीएनपी ने अन्याय, असमानता और प्राकृतिक संसाधनों की व्यवस्थित लूट को स्थायी मुद्दों के रूप में उद्धृत करते हुए मानवाधिकारों के दशकों से चले आ रहे उल्लंघन का जिक्र किया। पार्टी ने हिंसा भड़कने की निंदा की और इसके लिए अर्ध-सैनिक बलों की तैनाती को जिम्मेदार ठहराया, जो अपने अमानवीय कार्यों के लिए कुख्यात हैं।

अधिसूचना पर चिंता जताई

न्यूज एजेंसी एएनआइ के अनुसार, गुलाम जम्मू-कश्मीर के प्रमुख कार्यकर्ता अमजद अयूब मिर्जा ने पीओजेके सरकार द्वारा जारी एक हालिया अधिसूचना पर गंभीर ¨चता जताई है। 13 मई को जारी अधिसूचना का उद्देश्य बिजली दरों और टैक्स को कम करना था, लेकिन मिर्जा ने इसे अस्पष्ट और धोखाधड़ी वाला माना है। मिर्जा के अनुसार, जम्मू कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी का नेतृत्व अधिसूचना को स्वीकार करने और आंदोलन को बंद करने से पहले कानूनी सलाह लेने में विफल रहा।

गुलाम जम्मू-कश्मीर की स्थिति का जायजा लेंगे शहबाज शरीफ

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कैबिनेट की बैठक के दौरान पीओजेके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता जताई और इसे सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। बातचीत के जरिये मुद्दों के समाधान का संकल्प व्यक्त करते हुए शहबाज ने कहा कि वह जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए खुद पीओजेके का दौरा करेंगे। उन्होंने मुहम्मद अली जिन्ना की भावनाओं को दोहराते हुए पाकिस्तान के लिए कश्मीर के महत्व पर जोर दिया। 

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