नई दिल्ली (आइएएनएस)। एक अध्ययन में दावा किया गया है कि अकेलेपन और सामाजिक तौर पर सक्रिय नहीं रहने वाले लोगों में डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। अध्ययन के मुताबिक, सामाजिक भागीदारी के अभाव में महिलाओं में डायबिटीज का खतरा 60 फीसद ज्यादा हो सकता है, जबकि टाइप-2 डायबिटीज होने का जोखिम 112 फीसद बढ़ सकता है।

सामाजिक तौर पर सक्रिय नहीं रहने वाले पुरुषों में डायबिटीज का खतरा 42 फीसद और अकेले रहने वालों में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा 94 फीसद अधिक हो सकता है। 

नीदरलैंड्स के मास्ट्रिच यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर की शोधकर्ता स्टेफनी ब्रिंक्स ने कहा, ‘सोशल नेटवर्क के व्यापक जुड़ाव को लेकर इस तरह का अध्ययन पहली बार किया गया है।’ यह निष्कर्ष 40 से 75 साल के 2,861 पुरुषों और महिलाओं पर किए गए अध्ययन के आधार पर निकाला गया है। 

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By Sanjay Pokhriyal