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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जानें कैसे एक खबर से धरती और आसमान में अटकी रही लोगों की सांसें, ट्रैक हुआ Mahan Air का W581 विमान

By Jagran NewsEdited By: Kamal Verma
Published: Mon, 03 Oct 2022 12:43 PM (IST)Updated: Mon, 03 Oct 2022 12:51 PM (IST)

दिल्‍ली में उतरने की अपील करने वाली Mahan Air का W581 विमान सुकुशल ग्‍वांगझू एयरपोर्ट पर उतर गया। दुनियाभर में ...और पढ़ें

दुनिया भर के लोग ट्रैक कर रहे तेहरान का विमान
दुनिया भर के लोग ट्रैक कर रहे तेहरान का विमान

नई दिल्‍ली (आनलाइन डेस्‍क)। तेहरान से चीन के ग्‍वांगझू जा रहा विमान अपने तय समय से करीब 71 मिनट की देरी से सकुशल ग्‍वांगझू एयरपोर्ट पर उतर गया। इसके सही सलामत उतरने पर सभी ने चैन की सांस ली है। इस विमान (W581/Airbus 340-642) में बम की खबर मिलने के बाद से हजारों लोग इंटरनेट के माध्‍यम से इसको तलाशने में लगे हुए थे। फ्लाइट राडार, जो कि दुनिया भर के विमानों की लाइव इंफोर्मेशन देता है, पर करीब 6 हजार लोग इसको लाइव ट्रैक कर रहे थे। ये विमान फिलहाल शाम करीब 5:17 मिनट पर एयरपोर्ट पर उतर गया। विमान में बम की खबर सामने आने के बाद हर कोई इस विमान के सकुशल उतरने और इसमें मौजूद यात्रियों के सकुशल होने की भी कामना कर रहा था।

नैंसी और गोटाबाया के विमानों को भी किया गया था ट्रैक 

आपको बता दें कि जिस वक्‍त श्रीलंका के पूर्व राष्‍ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे Saudi Air से मालदीव से सिंगापुर भागे थे तब उनके विमान को करीब 5500 लोगों ने लाइव ट्रैक किया था। वहीं जब अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्‍पीकर नैंसी पैलोसी का यूएस ऐयर फोर्स का विमान ताइवान जा रहा था तब इसको पूरी दुनिया में 3 लाख से अधिक लोगों ने ट्रैक किया था।

विलंब से भरी थी उड़ान 

ईरान की राजधानी तेहरान से ग्‍वांगझू जाने वाले विमान की ही बात करें तो ये विमान एयरबस ए340-642 है, जिसका रजिस्‍ट्रेशन ईरान में हुआ है। इस विमान को Mahan Air संचालित करती है। तेहरान से ग्‍वांगझू का फ्लाइट टाइम करीब 8 घंटे का है। इन दोनों शहरों के बीच की दूरी करीब 6100 किमी है।

विमान में बम होने की मिली थी सूचना 

बता दें कि Mahan Air का ये विमान तेहरान से कुछ विलंब के बाद रवाना हुआ था। गौरतलब है कि इस विमान में बम की खबर मिलने के बाद विमान के पायलट ने इसको दिल्‍ली के अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे पर उतारने की अपील की थी। इस अपील पर भारत ने विमान को जयपुर में लैंड करने को कहा था, जिसको पायलट ने ठुकरा दिया। इसके बाद विमान के पीछे भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों को भेजा गया था।

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