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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पूर्व राष्‍ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे की श्रीलंका से भागने में किसने की थी मदद, दुनिया में सबसे ज्‍यादा ट्रैक हुआ Saudia प्‍लेन

By Kamal VermaEdited By:
Published: Fri, 15 Jul 2022 12:20 PM (IST)

श्रीलंका के पूर्व राष्‍ट्रपति गोटाबाया की खबरों को जानने की उत्‍सुकता में उनके सिंगापुर जाने वाले विमान को विश्‍व में ...और पढ़ें

गोटाबाया को भगाने में नाशिद ने की मदद!
गोटाबाया को भगाने में नाशिद ने की मदद!

कोलंबो/माले (एजेंसी)। श्रीलंका के पूर्व राष्‍ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे की खबर को जानने के लिए गुरुवार को पूरी दुनिया उत्‍सुक दिखाई दी। यही वजह थी कि माले से उनके भागने की जानकारी सामने आने के बाद उनके विमान Saudia को दुनिया में सबसे अधिक ट्रैक किया गया। ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट में फ्लाइट राडार के डाटा रिकार्ड के हवाले से बताया है कि गोटाबाया जिस सऊदी एयरलाइंस के विमान में सवार थे उसको करीब 5000 लोगों ने ट्रैक किया था। ये नंबर फ्रेंच एयरफोर्स विमान के यूरोप में उड़ने को ट्रैक करने वाले यूजर्स से करीब तीन गुना अधिक थी।

बता दें कि राजपक्षे का विमान गुरुवार की शाम करीब 7: 12 बजे सिंगापुर एयरपोर्ट पर उतरा था। गोटाबाया ने सिंगापुर पहुंचने के बाद ही अपना इस्‍तीफा ईमेल के जरिए श्रीलंका की संसद के स्‍पीकर को भेजा था। गौरतलब है कि बीते तीन दिनों में गोटाबाया ने अपने लिए दूसरा देश तलाशा है। लेकिन इस बीच एक बड़ा सवाल ये भी सामने आ रहा है कि आखिर उन्‍हें श्रीलंका से बाहर निकालने में किसने मदद की थी। एएफपी के मुताबिक इसके पीछे मालदीव के पूर्व राष्‍ट्रपति मोहम्‍मद नाशिद को बताया जा रहा है। एएफपी का कहना है कि उन्‍होंने ही गोटाबाया को श्रीलंका से बाहर निकलने में मदद की थी।

नाशिद ने एजेंसी को बताया है कि राजपक्षे को श्रीलंका में अपनी जान का खतरा था। उन्‍होंने ये भी कहा था कि वो श्रीलंका में रहते हुए गोटाबाया कभी भी इस्‍तीफा नहीं देते, वहां पर वो हमेशा ही अपनी जिंदगी को लेकर डरे रहते। बता दें कि सिंगापुर की सरकार ने उन्‍हें निजी यात्रा पर आने की अनुमति दी है। सिंगापुर के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि न तो गोटाबाया ने सिंगापुर सरकार से वहां पर शरण मांगने की कोई अपील की है न ही सरकार ने ऐसा करने की अनुमति ही दी है।

विदेश मंत्रालय का कहना है कि गोटाबाया राजपक्षे कुछ दिन वहीं पर रुकेंगे। कुछ एएफपी ने श्रीलंका के सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया है कि गोटाबाया सिंगापुर से दुबई जा सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ श्रीलंका में गोटाबाया के इस्‍तीफा देने से प्रदर्शनकारी काफी खुश हैं। इसके बाद प्रदर्शनकारियों के प्रवक्‍ता ने बताया है कि वो राष्‍ट्रपति और पीएम आवास को तुरंत खाली कर रहे हैं, लेकिन उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।