'हर जगह साजिशें देखना बंद कीजिए', राहुल गांधी की टाटा वाली टिप्पणी पर निर्मला सीतारमण का पलटवार
राहुल गांधी ने टाटा मामले पर X पर टिप्पणी की, जिस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पलटवार किया।
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निर्मला सीतारमण ने राहुल को राजनीतिकरण न करने की सलाह दी

समय कम है?
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राजीव कुमार, नई दिल्ली। टाटा मामले में कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के एक्स पर किए गए पोस्ट पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि उन्हें हर मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। राहुल गांधी देश के उद्योगपतियों को अविश्वास और नकारात्मकता फैलाने को लेकर अपने साथ जोड़ने के लिए उकसा रहे हैं।
राहुल गांधी ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा था कि टाटा को आपराधिक तरीके से बर्बाद किया जा रहा है और कोई उद्यमी इस मामले में एक शब्द बोलने की हिम्मत नहीं कर र हा है। आप कब तक ऐसे ही चुप रहेंगे क्या जब आपके साथ ऐसा होगा, तब आप चुप्पी तोड़ेंगे।
राहुल गांधी ने टाटा को आपराधिक रूप से बर्बाद बताया
भारत का कारोबार मोदी और शाह के खेलने की चीज नहीं है। आपमें साहस की कमी है। हम में नहीं। हम इस अपराध के लिए न्याय सुनिश्चित करेंगे।सीतारमण ने भी राहुल को एक्स पर ही पोस्ट के जरिए जवाब दिया और कहा कि मेरा सुझाव है कि प्रतिपक्ष होने के नाते आप हर मुद्दे का राजनीतिकरण करने से बचें। साथ ही, व्यावसायिक और कानूनी मामलों को बिना सोचे-समझे आपराधिक करार देना अस्वीकार्य है।
आपने बार-बार भारतीय उद्योग जगत और हमारे उद्यमियों की सफलताओं की निंदा की है। अब क्या आप हमारे उद्योगपतियों को अविश्वास और नकारात्मकता फैलाने के लिए अपने साथ जोड़ने के लिए उकसा रहे हैं?सीतारमण ने कहा कि दशकों तक आपकी पार्टी कांग्रेस ने 'लाइसेंस-कोटा राज' के तहत भारतीय उद्यमियों के हौसले को कुचला और करोड़ों भारतीयों पर गरीबी थोपी।
दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार भारतीय उद्योग को रोजगार का सृजन करने वाला और आर्थिक विकास के मुख्य संवाहक के रूप में महत्व देती है। हमारी नीतियां उद्यम को सक्षम बनाने, उद्योग को सहारा देने और निवेश को प्रोत्साहित करने के अनुकूल बनाई गई हैं।
उद्योगपतियों को नकारात्मकता फैलाने से रोकने को कहा
उद्योग को सहयोग देने, हमारे किसानों को सशक्त बनाने और हमारे युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की समान जिम्मेदारी राजनीतिक दलों, नेताओं, सरकारों और संस्थाओं की है। इसलिए, अपने संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थों को साधने के लिए बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।
सीतारमण ने कहा कि भारत का संविधान अपने सभी नागरिकों को न्याय सुनिश्चित करता है और हमारे न्यायालयों को इसे बनाए रखने का दायित्व सौंपा गया है।
इतिहास इस बात का गवाह है कि आपने, आपकी पार्टी ने और आपकी पार्टी के प्रधानमंत्रियों ने न्यायपालिका को किस अपमानजनक तरीके से नीचा दिखाया है। इसलिए राहुल जी, हर जगह बेवजह साज़िशें देखना बंद कीजिये।
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