यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
वरिष्ठ अधिवक्ता आर.वेंकटरमणी होंगे अगले अटार्नी जनरल, केके वेणुगोपाल की लेंगे जगह
वरिष्ठ अधिवक्ता आर.वेंकटरमणी को तीन साल की अवधि के लिए देश के नए अटॉर्नी जनरल के रूप में नियुक्त किया ...और पढ़ें

नई दिल्ली, एजेंसी। वरिष्ठ वकील आर.वेंकटरमणी को सरकार ने देश का नया अटार्नी जनरल बनाया है। उनके नाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंजूरी दे दी है। उनका कार्यकाल पद संभालने से लेकर तीन साल तक का होगा। इस संबंध में बुधवार रात कानून मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार वह केके वेणुगोपाल का स्थान लेंगे। वेणुगोपाल का कार्यकाल 30 सितंबर को पूरा हो रहा है। वेणुगोपाल को जुलाई 2017 में इस पद पर नियुक्त किया गया था। इसी साल 29 जून को उन्हें तीन माह का सेवा विस्तार मिला था।
40 साल से अधिक समय का लंबा अनुभव
वेंकटरमणी को वकालत करने का 40 साल से अधिक समय का लंबा अनुभव है। वह विधि आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने 1977 में तमिलनाडु बार काउंसिल में अपना पंजीकरण कराया था। 1979 में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील पीपी राव के साथ काम शुरू किया। वह नेशनल ला स्कूल आफ युनिर्वसिटी बेंगलुरु से भी जुड़े रहे हैं। वेंकटरमणी को आम्रपाली हाउसिंग प्रोजेक्ट मामले में कोर्ट ने रिसीवर बनाया था।
मुकुल रोहतगी ने ठुकराया था अगले अटार्नी जनरल बनने का प्रस्ताव
वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने देश के अगला अटार्नी जनरल बनने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। उन्होंने बताया कि उनके फैसले के पीछे कोई विशेष कारण नहीं है। केंद्र सरकार ने केके वेणुगोपाल (91) के स्थान पर मुकुल रोहतगी को अटार्नी जनरल पद की पेशकश की थी।
पहले भी अटार्नी जनरल रह चुके हैं मुकुल रोहतगी
रोहतगी इससे पहले जून 2014 से जून 2017 तक अटार्नी जनरल रह चुके हैं। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद वेणुगोपाल को जुलाई 2017 में इस पद पर नियुक्त किया गया था। 29 जून को उन्हें फिर से तीन महीने के लिए अटार्नी जनरल नियुक्त किया गया था। व्यक्तिगत कारणों से वे अब इस पद पर बने रहने के इच्छुक नहीं हैं। इससे पहले 2020 में जब उनका कार्यकाल खत्म हुआ था, तो उस समय भी उन्होंने पद पर बने रहने की अनिच्छा जताई थी।