हैदराबाद। नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने नाबालिगों की उम्र को कम करने के प्रस्ताव का विरोध किया है। उन्होंने नाबालिगों द्वारा किए जाने वाले घृणित अपराधों से निपटने के लिए विशेष कदम उठाने की बात कही है।

सत्यार्थी ने शुक्रवार को कहा, 'मैं नाबालिगों की उम्र सीमा को घटाने या कम करने के खिलाफ हूं। अंतरराष्ट्रीय नियमों और समझौतों के तहत किशोरों को 18 वर्ष की आयु तक देखभाल व संरक्षण अनिवार्य रूप से मुहैया कराना चाहिए।' दिसंबर, 2012 में दिल्ली के सामूहिक दुष्कर्म कांड में नाबालिग की संलिप्तता के बाद नाबालिगों की निर्धारित आयु को कम करने की मांग उठी है।

सत्यार्थी के मुताबिक यदि नाबालिग ऐसा अपराध करता है जिसमें मृत्युदंड या आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है तो ऐसी स्थिति में विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्हें सिर्फ सुधार गृह में रखने से काम नहीं चलेगा, इसके लिए विशेष कदम उठाने होंगे। नाबालिगों की उम्र सीमा 18 से 16 करने या जघन्य अपराधों में 16-18 वर्ष आयुवर्ग के किशोरों के साथ भारतीय दंड संहिता के तहत कार्रवाई करने की मांग की जा रही है।

किशोरों के बड़े अपराधों पर सुप्रीम कोर्ट कठोर

वयस्क माने जाएंगे जघन्य अपराध करने वाले किशोर

Posted By: Rajesh Niranjan

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप