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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

RSS ने तमिलनाडु में 6 नवंबर के कार्यक्रम को किया स्थगित, 50 में से 44 जगहों पर मार्च निकालने की मिली इजाजत

By AgencyEdited By: Babli Kumari
Published: Sat, 05 Nov 2022 11:10 AM (IST)

मद्रास हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को 6 नवंबर को पूरे तमिलनाडु में 44 स्थानों पर मार्च निकालने की ...और पढ़ें

RSS ने तमिलनाडु में 6 नवंबर के कार्यक्रम को किया स्थगित
RSS ने तमिलनाडु में 6 नवंबर के कार्यक्रम को किया स्थगित

चेन्नई, एजेंसी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने छह नवंबर को होने वाले अपने निर्धारित मार्च और अन्य कार्यक्रमों को स्थगित करने और मद्रास उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ अपील करने का फैसला किया है जिसमें शर्तों के साथ कार्यक्रमों की अनुमति दी गई है।

संघ के एक सूत्र ने शनिवार को पुष्टि की कि संगठन ने रूट मार्च और जनसभाओं को स्थगित करने का फैसला किया है, जिन्हें उच्च न्यायालय ने पूरे तमिलनाडु में 44 स्थानों पर आयोजित करने की अनुमति दी थी, जबकि आरएसएस 50 जगहों पर चाहता था।

RSS ने मद्रास हाईकोर्ट का किया था रुख 

तमिलनाडु के परमीशन ना मिलने पर आरएसएस ने मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया था। पुलिस ने महज तीन जगहों पर मार्च करने की अनुमति दी थी बाकी 23 जगहों में जनसभा करने की उम्‍मीद तभी दी जाएगी जब इनडोर सभाएं स्‍टेडियम के अंदर करने का वादा किया जाएगा। फिलहाल आरएसएस की मद्रास कोर्ट में अपील के बाद शुक्रवार को बड़ी राहत मिली और 50 में से 44 स्‍थानों पर रूट मार्च करने की राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ को परमीशन दे दी।

44 स्थानों पर जनसभाएं करने की दी अनुमति 

न्यायमूर्ति जी के इलांथिरैयन की एकल पीठ ने शुक्रवार को आरएसएस को कुछ शर्तों के साथ तमिलनाडु में छह नवंबर को रूट मार्च निकालने और 44 स्थानों पर जनसभाएं करने की अनुमति दी थी।

उनमें से एक ने निर्धारित किया कि जुलूस और जनसभाएं मैदान या स्टेडियम जैसे परिसर में आयोजित की जानी चाहिए।

छह स्थानों पर रैली की नहीं मिली अनुमति

न्यायाधीश ने कहा कि छह स्थानों पर रैली की अनुमति नहीं दी जा सकती जहां स्थिति अनुकूल नहीं है - कोयंबटूर, मेट्टुपालयम और पोलाची; तिरुपुर जिले में पल्लादम, कन्याकुमारी में अरुमानई और नागरकोइल।

आरएसएस ने 50 स्थानों की मांगी थी मंजूरी

आरएसएस ने 50 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए अदालत की मंजूरी मांगी थी। अन्य बातों के अलावा, न्यायाधीश ने कहा कि कोई भी कार्यक्रम के दौरान न तो गीत गाएगा और न ही किसी व्यक्ति, जाति और धर्म के बारे में बुरा बोलेगा।

वे किसी भी कारण से केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित संगठनों के पक्ष में कुछ भी बात या व्यक्त नहीं करेंगे। उन्हें देश की संप्रभुता और अखंडता को भंग करने वाले किसी भी कार्य में शामिल नहीं होना चाहिए।

प्रतिभागी कोई लाठी, लाठी या हथियार नहीं लाएंगे जिससे किसी को चोट लग सकती है।

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