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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 29, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राष्ट्रपति पद की रेस में नहीं, प्रस्ताव मिला तो भी ठुकरा दूंगा: भागवत

By Kishor JoshiEdited By:
Published: Wed, 29 Mar 2017 02:23 PM (IST)Updated: Wed, 29 Mar 2017 02:42 PM (IST)

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने साफ कर दिया है कि वो देश के अगले राष्ट्रपति पद की रेस में नहीं हैं।

राष्ट्रपति पद की रेस में नहीं, प्रस्ताव मिला तो भी ठुकरा दूंगा: भागवत
राष्ट्रपति पद की रेस में नहीं, प्रस्ताव मिला तो भी ठुकरा दूंगा: भागवत

नई दिल्ली (एजेंसी)। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि वह देश के अगले राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल नहीं हैं। राष्ट्रपति बनाए जाने की खबरों पर उन्होंने कहा- 'मीडिया में जो चल रहा है वो होगा नहीं। हम संघ में काम करते हैं, हमें वहां जाना नहीं। प्रस्ताव आता भी है तो स्वीकार नहीं करेंगे।'

आपको बता दें कि हाल ही में खबर आई थी कि जुलाई के अंत में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों में सरकार राष्ट्रपति पद के लिए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का नाम आगे कर सकती है। खबरों को तब और अधिक बल मिला था जब शिवसेना ने सरसंघचालक मोहन भागवत को राष्ट्रपति पद के लिए बेहतर विकल्प बताया था।
शिवसेना सांसद और सामना के कार्यकारी संपादक संजय राउत ने मुंबई में संवाददाताओं के सवालों के जवाब देते हुए कहा था कि दिल्ली के गलियारों में आरएसएस चीफ मोहन भागवत को राष्ट्रपति बनाए जाने की खबरें चल रही हैं। मोहन भागवत एक बेहतर विकल्प हैं और वे प्रखर राष्ट्रवादी भी हैं। उन्होंने कहा था कि हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए यह ठीक भी होगा।