विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Republic Day: कर्तव्य पथ पर रचेगा इतिहास, कैप्टन संध्या के नेतृत्व में तीनों सेनाओं की महिला टुकड़ी पहली बार करेंगी मार्च

By Agency Edited By: Nidhi Avinash
Published: Sun, 21 Jan 2024 01:56 PM (IST)

गणतंत्र दिवस परेड के लिए पहली बार सेना नौसेना और वायु सेना की त्रि-सेवा महिलाओं की एक टुकड़ी कर्तव्य पथ ...और पढ़ें

कैप्टन संध्या के नेतृत्व में तीनों सेनाओं की महिला टुकड़ी पहली बार करेंगी मार्च (Image: ANI)
कैप्टन संध्या के नेतृत्व में तीनों सेनाओं की महिला टुकड़ी पहली बार करेंगी मार्च (Image: ANI)

पीटीआई, नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस परेड के लिए पहली बार, सेना, नौसेना और वायु सेना की त्रि-सेवा महिलाओं की एक टुकड़ी कर्तव्य पथ पर मार्च करेगी। इस दल का नेतृत्व 26 वर्षीय कैप्टन संध्या करेंगी।

अभ्यास सत्र के बाद पीटीआई से बात करते हुए संध्या ने कहा कि मैं इसका नेतृत्व करने का अवसर पाकर भाग्यशाली महसूस कर रही हूं। यह मेरे साथ-साथ टीम के प्रत्येक सदस्य के लिए गर्व का क्षण है।'दल में अधिकतर अग्निवीर शामिल हैं।

त्रि-सेवा महिलाओं की टुकड़ी का दिखेगा जलवा

बता दें कि इस ऐतिहासिक क्षण की तैयारी के लिए 148 सदस्यों की टीम दिसंबर की शुरुआत से ही दिल्ली में है और इससे पहले, उन्होंने दो महीने तक अपने-अपने स्थानों पर अभ्यास किया। तीनों सेनाओं के अभ्यास और प्रक्रियाओं में अंतर के बावजूद, दल ने एक समान लक्ष्य के साथ एक एकजुट यूनिट के रूप में एक साथ ट्रेनिंग लिया।

दिल्ली निदेशालय से एनसीसी कैडेट के रूप में 2017 में गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने वाली कैप्टन संध्या ने कहा, 'लक्ष्य यह है कि हम अपने हर कदम पर अपना सर्वश्रेष्ठ, उभरती हुई नारी शक्ति का प्रदर्शन करें।'

कैप्टन संध्या करेंगी नेतृत्व

कैप्टन संध्या ने कहा कि नौसेना और वायु सेना से आने वाली महिला सैनिकों को शुरुआत में यह थोड़ा चुनौतीपूर्ण लगा क्योंकि तीनों सेवाओं में अभ्यास और प्रक्रियाएं अलग-अलग हैं। जैसे की सलामी को लेकर। वायु सेना में, नौसेना और थल सेना की तुलना में हाथ की सलामी अलग होती है। इसी तरह तलवार का कोण भी अलग होता है। उदाहरण के लिए, सेना में, यह 45 डिग्री पर होना चाहिए। कैप्टन संध्या ने कहा कि हम सभी ने अच्छा अभ्यास किया है और 23 जनवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल के लिए तैयार हैं।

कैप्टन संध्या ने आगे कहा कि देश की प्रगति में महिलाओं की अहम भूमिका है और उनमें असीमित क्षमताएं हैं। उन्होंने कहा, 'महिला उम्मीदवार अर्धसैनिक बल में आगे से नेतृत्व कर रही थीं, लेकिन अब जब से सरकार ने रक्षा सेवाओं में भी महिला सैनिकों को शामिल करना शुरू किया है, मुझे इस ऐतिहासिक दिन का हिस्सा बनने का अवसर मिला है।'

गणतंत्र दिवस परेड में कर्तव्य पथ पर मार्च करेंगी महिलाएं

यह पहली बार है कि महिला सैनिक तीन रक्षा सेवाओं से एकत्र हुई हैं और वे इस साल के गणतंत्र दिवस परेड में कर्तव्य पथ पर मार्च करेंगी। अधिकारियों के अनुसार, 26 जनवरी को राजसी कर्त्तव्य पथ पर 75वां गणतंत्र दिवस समारोह काफी हद तक 'महिला-केंद्रित' होगा, जिसका केंद्रीय विषय भारत का लोकतंत्र और एक विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प है।

रक्षा सचिव गिरिधर अरामाने ने शुक्रवार को कहा कि सबसे पहले परेड में भारतीय संगीत वाद्ययंत्रों के साथ 100 महिला कलाकार शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि महिला मार्चिंग टुकड़ियां परेड का प्रमुख हिस्सा होंगी।

75वीं गणतंत्र दिवस परेड महिला केंद्रित

रक्षा सचिव ने संवाददाताओं से कहा, 'इस साल के गणतंत्र दिवस परेड में महिलाओं का सबसे अच्छा प्रतिनिधित्व देखने को मिलेगा। विकसित भारत और भारत-लोकतंत्र की मातृका थीम के साथ, 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर 75वीं गणतंत्र दिवस परेड महिला केंद्रित होगी।' इसरो की महिला अंतरिक्ष वैज्ञानिक, योग शिक्षक (आयुष्मान भारत), अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के विजेता और पैरालंपिक पदक विजेता भी विशेष अतिथि के रूप में परेड में शामिल होंगे।

यह भी पढ़ें: राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने पूर्वोत्तर राज्यों के स्थापना दिवस की दी बधाई, कहा- राष्ट्र निर्माण में रहा अहम योगदान

यह भी पढ़ें: Ram Mandir की सीढ़ियों से गर्भगृह तक का सफर बेहद अद्भुत, नृत्य मंडप के 8 स्तंभों पर भगवान शिव की विभिन्न मुद्राएं

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।