नई दिल्ली, [स्पेशल डेस्क]। इसरों की तरफ से दक्षिण एशिया संचार उपग्रह जीसेट-9 को लांच करने के बाद दक्षिण एशियाई देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने भारत को शुक्रगुजार मानते हुए कहा है कि भारत के इस कदम से क्षेत्रीय देशों का आपसी संपर्क बढ़ेगा। सैटेलाइट में उपग्रह छोड़े जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यह लांच इस बात को प्रमाणित करता है कि जब क्षेत्रीय सहयोग की बात हो तो आसमान में कोई सीमा नहीं होती है।

पीएम ने कहा कि क्षेत्रीय जरूरतों के हिसाब से इसरो की टीम ने दक्षिण एशिया सैटेलाइट का निर्माण किया। मोदी ने आगे कहा कि इस लांचिंग के मौके पर मुझसे जुड़ने के लिए अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भुटान, नेपाल, मालदीव और श्रीलंका के अपने सहयोगी नेताओं का शुक्रिया करता हूं।

इस मौके पर मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने कहा कि सैटेलाइट का लांच होना पहले पड़ोसी की भारत की नीति को जाहिर करता है। जबकि, श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना ने इसे ऐतिहासिक मौका बताते हुए पीएम मोदी को बधाई देते दी। उन्होंने कहा कि सार्क देशों के बीच समन्वय की दूरदृष्टि और मधुर संबंधों के महत्व को जाहिर करता है। मैत्रिपाला ने आगे कहा कि यह ऐसा कदम है जो सभी क्षेत्रों में लोगों की मदद करेगा, आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी और गरीबी को उन्मूलन में कारगर साबित होगा।

इस अवसर पर भूटान के प्रधानमंत्री सेरीन टोबगे ने कहा कि इस सैटेलाइट के लांच करने के बाद आपसी क्षेत्रीय सहयोग बढ़ेगा और क्षेत्र की प्रगति होगी। तो वहीं, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत सरकार को बधाई देते हुए आशा जताई है कि यह कदम क्षेत्र में आपसी सहयोग का नया द्वार खोलेगा।

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Posted By: Rajesh Kumar

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