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'आतंकवाद पर कोई दोहरे स्टैंडर्ड नहीं रखे', SCO बैठक में राजनाथ ने पाकिस्तान को सुनाई खरी-खरी

Published: Tue, 20 Oct 2026 02:29 PM (IST)

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुशान्बे में SCO बैठक को संबोधित करते हुए आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने का आह्वान किया।

SCO शिखर सम्मेलन में राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के इकोसिस्टम को खत्म करने का आह्वान किया

SCO शिखर सम्मेलन में राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के इकोसिस्टम को खत्म करने का आह्वान किया

HighLights

  1. आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने का आह्वान।

  2. आतंकवाद पर कोई दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए।

  3. आतंकवादियों को फंडिंग या पनाह देने वालों पर कार्रवाई हो।

डिजिटल डेस्क, दुशान्बे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ताजिकिस्तान के दुशान्बे में शंघाई सहयोग संगठन की काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट की बैठक में शामिल हुए। इस दौरान राजनाथ सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने का आह्वान किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को शांति और विकास के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक बताते हुए कहा कि आतंकवाद को कभी भी सही नहीं ठहराया जा सकता है और इससे निपटने में कोई दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए।

आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने की अपील

रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में आतंकवाद से होने वाले आर्थिक और सामाजिक नुकसान पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'आतंकवाद न केवल निर्दोष लोगों की जान लेता है, बल्कि निवेश, व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं को भी बुरी तरह प्रभावित करता है।'

राजनाथ सिंह ने कहा, 'यह समाज में कट्टरपंथ फैलाता है और युवाओं को उनके सही अवसरों से वंचित करता है।' 

उन्होंने आगे कहा, 'जो देश या संगठन आतंकवादियों को वित्तीय मदद (फंडिंग) मुहैया कराते हैं, उनका समर्थन करते हैं या उन्हें सुरक्षित पनाह देते हैं, उनके लिए दुनिया में कोई जगह नहीं होनी चाहिए।'

PM मोदी के तीन स्तंभ: सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर

राजनाथ सिंह ने बिश्केक में हुए SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातों को याद किया जहां उन्होंने सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर पर आधारित SCO के लिए भारत के दृष्टिकोण को दोहराया था। रक्षा मंत्री ने कहा कि ये तीनों स्तंभ एक दूसरे को मजबूत करते हैं, क्योंकि सुरक्षा से निवेश को बढ़ावा मिलता है और और कनेक्टिविटी से व्यापार आसान होता है। सुरक्षा और कनेक्टिविटी मिलकर आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा करते हैं।

उन्होंने कहा कि ये तीनों स्तंभ एक-दूसरे को मजबूत करते हैं और मध्य एशियाई देशों के साथ भारत के प्राचीन व मजबूत संबंधों को और गहरा बनाते हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा, 'हम मध्य एशियाई देशों के साथ अपनी पुरानी दोस्ती और मजबूत संबंधों को बहुत महत्व देते हैं। बिश्केक में SCO समिति में हमारे नेताओं ने शंघाई सहयोग संगठन की 25वीं वर्षगांठ मनाई थी। यह हमारी साझा यात्रा की समीक्षा करने और भविष्य की दिशा पर चर्चा करने का एक अवसर था। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने SCO संगठन से सुरक्षा, सामूहिक सहयोग और अवसरों के मुद्दों पर ठोस कदम उठाने का आह्वान किया था। यह संदेश 'काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट' के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है।'

उन्होंने 2026-2030 के लिए 'बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम' के एक्शन प्लान को अपनाने के लिए भारत का समर्थन भी जताया।

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और सप्लाई चेन पर चिंता

दुनिया भर में चल रहे संघर्षों और भू-राजनीतिक तनावों पर बात करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वर्तमान में वैश्विक आर्थिक माहौल अनिश्चित है।

उन्होंने कहा, 'आज हम एक अनिश्चित वैश्विक आर्थिक माहौल के दौर में हैं। संघर्ष और भू-राजनीतिक तनाव व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित कर रहे हैं। ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा हमारे लिए चिंता का विषय हैं। नई तकनीकें अर्थव्यवस्थाओं को बदल रही हैं और साथ ही नई दूरियां भी पैदा कर रही हैं। ऐसी स्थिति में, SCO का मूल्यांकन इस आधार पर किया जाएगा कि क्या वह कोई साझा आधार ढूंढ पाता है और उस पर काम कर पाता है या नहीं।'

राजनाथ सिंह ने आगे कहा, 'भारत का मानना है कि हमारा आर्थिक जुड़ाव समावेशी होना चाहिए और इससे हर सदस्य देश को लाभ मिलना चाहिए। हमें अधिक मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाएं बनाने, व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने, और विकास के लिए तकनीक का उपयोग करने की दिशा में काम करना चाहिए। हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि आर्थिक सहयोग का लाभ हमारे समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे।'

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