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'पाकिस्तान से आतंकी कार्रवाई का जवाब और कड़ा होगा', रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा बयान

Published: Thu, 15 Oct 2026 11:22 PM (IST)

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान से होने वाली किसी भी आतंकी कार्रवाई पर भारत के पहले से भी कड़े जवाब की चेतावनी दी है।

आतंकवाद के खिलाफ भारत का कड़ा रुख (फोटो-PTI)

आतंकवाद के खिलाफ भारत का कड़ा रुख (फोटो-PTI)

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एएनआई, नई दिल्ली। सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और आपरेशन सिंदूर के बाद सीमा पार आतंकवाद पर भारत का रुख दोहराते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान से होने वाली किसी भी भावी आतंकी कार्रवाई का जवाब पहले से भी कड़ा होगा।

उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा संवाद, सह-अस्तित्व व विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की पक्षधर है, लेकिन शांति के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को कमजोरी नहीं समझें।

राजनाथ सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली में टाइम्स नेटवर्क डिफेंस कान्क्लेव में कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर, बालाकोट हवाई हमले और सर्जिकल स्ट्राइक केवल सैन्य अभियान नहीं थे; वे देश के रुख में निर्णायक बदलाव के प्रतीक थे। इनके जरिये कूटनीतिक निंदा से आगे बढ़कर आतंकवाद की जड़ तक पहुंचने और उसका सफाया करने के लिए कार्रवाई की गई।'

उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से ज्यादातर आतंकियों की ‘शेल्फ लाइफ’ घटकर एक साल से कम रह गई है। भारत के खिलाफ हथियार उठाने के एक साल के भीतर ही सुरक्षा बल उन्हें मार गिराते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि शांति बनाए रखने के लिए ताकत और क्षमता जरूरी है। भारत शांति चाहता है, लेकिन देश की रक्षा के लिए युद्ध के लिए भी तैयार है।

रक्षा मंत्री ने उस घटना का जिक्र किया, जिसमें कैप्टन स्मित मच्छर ने बड़े आतंकी हमले को रोकने के लिए जान जोखिम में डाली। उन्होंने कहा,'सुरक्षा एजेंसियों के साथ जागरूक व जिम्मेदार नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी।'

स्मार्ट पावर की दिशा में बढ़ने का आह्वान

रक्षा तैयारियों पर सिंह ने ‘हार्ड पावर’ और ‘साफ्ट पावर’ को साथ मिलाने की जरूरत बताई और ‘स्मार्ट पावर’ की दिशा में बढ़ने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, 'आधुनिक रक्षा रणनीतियों में सटीक निशाना साधने वाले हथियारों और लक्ष्य के ऊपर मंडराकर हमला करने वाले म्यूनिशन के साथ किफायती हथियारों, मानवीय खुफिया जानकारी के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत प्रणालियों के साथ कम लागत वाली, फुर्तीली और अनुकूलनीय तकनीकों को शामिल करना होगा, ताकि बदलती सुरक्षा चुनौतियों का सामना किया जा सके।'

रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये से अधिक

सिंह ने कहा कि रक्षा उत्पादन 2014 के 40,000 करोड़ रुपये से बढ़कर रिकार्ड 1.78 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। रक्षा निर्यात 2013-14 के 686 करोड़ रुपये से बढ़कर अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 39,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

भारत के रक्षा उत्पाद करीब 100 देशों तक पहुंच रहे हैं। देश इस साल 2 लाख करोड़ रुपये और 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन लक्ष्य हासिल करेगा। साथ ही, 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये के रक्षा उपकरणों का निर्यात करेगा।