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पंजाब सरकार ने CBI जांच के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती, तुरंत सुनवाई की मांग

Published: Tue, 06 Oct 2026 08:05 PM (GMT+05:30)

पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआई जांच के पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट के सीबीआई जांच आदेश को चुनौती दी

पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट के सीबीआई जांच आदेश को चुनौती दी

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआई जांच का आदेश देने वाले पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

मंगलवार को पंजाब सरकार की ओर से याचिका पर शीघ्र सुनवाई की मांग की गई जिस पर कोर्ट ने मामले को बुधवार या गुरुवार को सूचीबद्ध किये जाने का भरोसा दिया।

इस मामले में पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट ने निखिल सराफ की जनहित याचिका पर पांच अक्टूबर को फैसला दिया है जिसमें जनहित याचिका में लगाए गए आरोपों की जांच सीबीआइ को करने और दो महीने में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।

पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट के सीबीआई जांच आदेश को चुनौती दी

निखिल सराफ ने याचिका में पंजाब के वरिष्ठ अधिकारियों पर तबादले के बदले नगदी लेने, अनुकूल नीतियां बनवाने, निविदाओं में कथित लेनदेन तथा अन्य गंभीर आरोप लगाए थे।

इसमें पंजाब के मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुमन और उनके सहयोगी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की थी।

याचिका में ईडी की जांच में सरकारी अधिकारियों की पोस्टिंग प्रभावित करने, गोपनीय दस्तावेजों तक पहुंच, सरकारी मंजूरियों और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओँ में कथित हस्तक्षेप से संबंधित सामग्री सामने आने का दावा किया गया था।

इस मामले में ईडी ने 30 जुलाई को मनीलांड्रिंग कानून की धारा 66(2) के तहत पंजाब के डीजीपी को पत्र भेजा था। हाई कोर्ट ने पाया कि सूचना मिलने के बावजूद लगभग दो माह तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले को शीघ्र सूचीबद्ध करने का भरोसा दिया

मंगलवार को पंजाब सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख कर पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव की दुहाई देते हुए शीघ्र सुनवाई की गुहार लगाई।

विकास सिंह ने कहा डीजीपी को कम्युनिकेशन जुलाई में हुआ था। विजय मदनलाल चौधरी मामले के पैरा 151 में कहा गया है कि ऐसा तभी होता है जब कोई संज्ञेय अपराध हो।

वह मामला ऐसी स्थिति से जुड़ा था जहां भारी मात्रा में कैश मिला था। यह कोई रूटीन मामला नहीं है जहां ईडी कहे कि आप एफआइआर दर्ज करें। हम जांच कर रहे थे।

ईडी द्वारा दिए गए कागजात स्पष्ट नहीं थे। हाई कोर्ट ने सोमवार को सीबीआइ को एफआइआर दर्ज करने का आदेश दिया है। सीबीआई को एफआइआर करने का निर्देश नहीं दिया जा सकता।

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