बाथरूम में पानी नहीं, रास्ते में कूड़ा... राष्ट्रपति के दौरे पर घोर लापरवाही; ममता सरकार से मांगा गया जवाब
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रोटोकॉल उल्लंघन पर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। ...और पढ़ें
HighLights
राष्ट्रपति के बाथरूम में पानी न होने की शिकायत।
एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल तक रास्ते में कूड़ा।
मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी की अनुपस्थिति पर सवाल।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रोटोकॉल उल्लंघन के मामले में केंद्र का रुख सख्त है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार के इस पर रिपोर्ट तलब किया है। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन द्वारा पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर राष्ट्रपति के लिए तैयार किये गए बाथरूप में पानी नहीं होने और एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल पर जाने के रास्ते में कूड़ा पड़ा होने पर जवाब तलब किया है।
गोविंद मोहन के अनुसार इस दौरान राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के प्रोटोकाल के लिए तैयार ''ब्लू बुक'' के नियमों का कई स्तरों पर उल्लंघन किया गया है। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृह सचिव ने मुख्य सचिव से यह बताने को कहा कि प्रोटोकॉल के मुताबिक राष्ट्रपति के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और डीजीपी क्यों मौजूद नहीं थे।
मेयर की उपस्थिति पर सवाल
उन्होंने राष्ट्रपति के स्वागत के लिए सिर्फ सिलिगुड़ी के मेयर गौतम देब की एयरपोर्ट पर उपस्थिति पर भी सवाल उठाया है। केंद्रीय गृह सचिव के अनुसार राष्ट्रपति की यात्रा के बंदोवस्त की पूरी जिम्मेदारी दार्जलिंग के जिला मजिस्ट्रेट, सिलिगुड़ी के पुलिस आयुक्त और अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट की थी, जिसे पूरा करने में वे पूरी तरह विफल रहे।
केंद्रीय गृह सचिव ने इन अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी देने को भी कहा है। दरअसल राष्ट्रपति मुर्मु को सिलिगुड़ी के बिधाननगर में आयोजित आदिवासी समाज के एक कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया था। लेकिन स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा, जगह की कमी जैसे कारण गिनाते हुए इसकी अनुमति नहीं दी।
बाथरूम में पानी की व्यवस्था नहीं
इसकी जगह पर बागडोगरा एयरपोर्ट के नजदीक गोसाईपुर को चुना गया। लेकिन सभा स्थल के पास राष्ट्रपति के लिए बनाए गए बाथरूम में पानी की व्यवस्था नहीं की गई। यही नहीं, स्थानीय प्रशासन ने राष्ट्रपति को ले जाने के लिए जिस रास्ते को चुना उस पर जगह-जगह कूड़ा बिखरा हुआ था।
गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार राष्ट्रपति के प्रोटाकॉल के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए इससे जुड़े अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल में सबकुछ साफ-साफ लिखा है और मुख्य सचिव, डीजीपी से लेकर स्थानीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय है। कोई इससे बच नहीं सकता है। उनके अनुसार राज्य के गृह सचिव का जवाब मिलने के बाद कार्रवाई की दिशा और दशा तय की जाएगी।
