'राष्ट्रपति ने वोट चोरी के हमारे आरोपों से इनकार नहीं किया', राहुल गांधी ने किया दावा
विपक्षी दलों ने 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग की।
-1791567007190_m.webp)
विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति से मिलकर वोट चोरी के आरोप लगाए

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संजय मिश्र, नई दिल्ली। एसआईआर को लेकर विवादों की धुरी बने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एकजुट होकर सड़क पर उतर चुके विपक्षी दलों ने लगातार चौथे दिन संसद भवन से राष्ट्रपति भवन तक मार्च करने का प्रयास करते हुए वोट चोरी के खिलाफ हल्ला बोल संग्राम किया।
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, ममता बनर्जी और उमर अब्दुल्ला जैसे विपक्षी आईएनडीआईए गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने रात आठ बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर सीईसी ज्ञानेश कुमार के साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर वोट-चोरी और चुनाव चोरी का आरोप लगाते हुए तत्काल सीईसी ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग की।
साथ ही चुनाव इवीएम की जग बैलेट पेपर पर कराने की मांग की। राष्ट्रपति से विपक्षी नेताओं की मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने दावा किया कि वोट चोरी के उनके आरोपों से राष्ट्रपति ने इनकार नहीं किया तथा उनसे देने को कहा है और विपक्ष राष्ट्रपति को सबूत सौंपने को तैयार है।
-1791566866840.webp)
सुप्रीम कोर्ट जाकर ज्ञापन सौंपने का एलान
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने अब वोट चोरी मुद्दे पर सोमवार को विपक्षी दलों नेताओं के सुप्रीम कोर्ट जाकर ज्ञापन देने का भी एलान किया।
संसद भवन से मार्च कर राष्ट्रपति भवन पहुंचे विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को वोट चोरी के मुद्दे पर ज्ञापन भी सौंपा।
इस मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा 'राष्ट्रपति की मुलाकात को लेकर हम आश्चर्य चकित रह गए क्योंकि जब हमने वोट चोरी-चुनाव चोरी के बारे में बताया तो उन्होंने इससे इन्कार नहीं किया।

वोट चोरी के आरोप से राष्ट्रपति का इनकार नहीं: विपक्ष
भारत की राष्ट्रपति ने यह नहीं कहा कि चुनाव चोरी नहीं हो रहे। उलटा यह कहा कि इसका सबूत हमारे पास लाइए। नेताओं का यही ग्रुप जो सबूत हमने जुटाए हैं वह लेकर राष्ट्रपति के पास खुशी-खुशी सौंपने को तैयार हैं।
पूरा देश और छात्र जानते हैं कि वोट चोरी हो रही है। नरेन्द्र मोदी इसके शिल्पकार हैं। अमित शाह और ज्ञानेश कुमार इसको अंजाम दे रहे हैं।'
राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति ने विपक्षी नेताओं की बातों को नकारा नहीं और कहा कि वे इस बारे में सोचेंगी और मैं उनका दिल से धन्यवाद करना चाहता हूं।
इसी क्रम में नेता विपक्ष ने वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्षी नेताओं के सुप्रीम कोर्ट में जाकर ज्ञापन सौंपने की घोषणा करते हुए कहा कि हम सभी विकल्प अपनाना चाहते हैं और वोट चोरी के खिलाफ कोई रास्ता नहीं छोड़ेंगे।
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि वोट चोरी और लोकतंत्र को नष्ट किए जाने को लेकर उठ रही जनता की आवाज को राष्ट्रपति ने शिद्दत से सुनी और छानबीन कर जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया।
टीएमसी-एम की प्रमुख ममता बनर्जी ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि विपक्षी दल देश की 60 फीसद आबादी की आवाज हैं।

राष्ट्रपति को वोट चोरी पर ज्ञापन सौंप विपक्ष ने रखी चार मांगे
विपक्षी आईएनडीआईए नेताओं ने राष्ट्रपति को सौंपे ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगे की हैं। पहला मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और 2023 के उस कानून को रद्द करना जो चुनाव आयुक्तों को आजीवन कानूनी कार्रवाई से सुरक्षा प्रदान करता है।
दूसरा एसआईआर तुरंत रद कर मतदाता सूची से अवैध रूप से हटाए गए सभी 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम तुरंत बहाल करना।
तीसरा सभी चुनावों में फिर से पेपर बैलेट प्रणाली लागू करना और चौथा पिछले दो सालों में हुए उन सभी विधानसभा चुनावों को रद किया जाए जिनमें वोट चोरी के पक्के सबूत पेश किए गए हैं।

लोकतंत्र की नींव ही हिल गई: विपक्ष
विपक्ष ने यह मांग करते हुए राष्ट्रपति से कहा है कि आईएनडीआईए गठबंधन के सांसद 60 प्रतिशत से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं आपके सामने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए यह ज्ञापन सौंप रहे हैं।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने जिस तरह से पूरी चुनाव प्रणाली और लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर कर करोड़ों भारतीयों से उनका संवैधानिक 'वोट देने का अधिकार' छीना है, उससे लोकतंत्र की नींव ही हिल गई है।
हमारे पास पक्के सबूत हैं कि एक के बाद एक चुनावों में बड़े पैमाने पर वोट चोरी हुई है। हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव चुरा लिए गए हैं।
कई अन्य विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी भाजपा ने इवीएम और मतदाता सूची में पूरी तरह से हेरफेर की है। दिन-दहाड़े लोकतंत्र की हत्या की जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट से खुलेआम झूठ बोला गया: विपक्ष
यह देश के खिलाफ एक अपराध है और मुख्य चुनाव आयुक्त ने इस अपराध को छिपाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से खुलेआम झूठ बोला है और धोखा दिया है।
वोट को लोकतंत्र की नींव बताते हुए कहा गया है कि चुनाव आयोग इसका संरक्षक है और संविधान के प्रति जवाबदेह है न कि अपने राजनीतिक आकाओं के प्रति।
किसी भी संस्था को इस अधिकार को नियंत्रित करने वाले नियमों को बदलने, अपने फैसलों के लिए जवाबदेही से बचने, और सवाल पूछने वालों को टाल-मटोल, दमन और आपराधिक व्यवहार के जरिए चुप कराने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
इसलिए विपक्ष का राष्ट्रपति से आग्रह है कि इस गंभीर स्थिति का संज्ञान लें और अपनी प्रभावशाली भूमिका का उपयोग करते हुए उनकी मांगों पर बिना देरी किए कार्रवाई की जाए।
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी तथा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में विपक्षी आईएनडीआईए के सांसदों ने चुनाव आयोग, जंतर-मंतर और राजघाट के बाद शुक्रवार को संसद भवन से राष्ट्रपति भवन तक मार्च करने का प्रयास किया मगर भारी सुरक्षा किलेबंदी के बीच इन्हें विजय चौक पर ही रोक दिया गया और चुनिंदा नेताओं को ही राष्ट्रपति से मिलने की इजात दी गई।
