नई दिल्ली। पोप फ्रांसिस ने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मदर टेरेसा को संत बनाने पर औपचारिक मुहर लगा दी है। उन्हें चार सितंबर को संत की उपाधि दी जाएगी।

मदर टेरेसा कैसे बनीं संत मदर टेरेसा-देखें तस्वीरें

मदर टेरेसा को संत की उपाधि मंजूर करने के लिए वेटिकन कमेटी की आज एक बैठक हुई थी। इस बैठक में मदर टेरेसा के नाम पर मंजूरी दी गई। वेटिकन के पैनल ने मदर समेत पांच उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया।

गौरतलब है कि मदर टेरेसा ने अपने पूरे जीवन में गरीबों और बीमार लोगों की सेवा की थी। उनके द्वारा स्थापित संस्था मिशनरीज ऑफ चैरिटी इस काम को दुनियाभर में मानवा की सेवा के तौर पर कर रही है। इस मौके पर मिशनरीज ऑफ चैरिटी की प्रवक्ता सुनीता कुमार ने कहा कि 'हमें काफी खुशी है'।

वहीं सिस्टर बेनीजा ने कहा कि 'मदर टेरेसा समाज, गरीबों, चर्च और हमारे लिए ईश्वर का दिया हुआ तोहफा थीं। ये बेहद खुशी का मौका है।'

बतादें मदर टेरेसा का जन्म मेसेडोनिया गणराज्य में हुआ था। वर्ष 1948 में वह भारत आई और यहीं की होकर रह गई। उन्होंने कोलकाता में मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना की। पांच सितंबर, 1997 को उनका निधन हो गया।

इसलिए मिल रही है उपाधि

दो चमत्कारों की पुष्टि होने पर ही संत की उपाधि दी जाती है। वर्ष 1997 में पेट के ट्यूमर से पीडि़त बंगाली महिला मोनिका बसरा ठीक हुई थी। इसका श्रेय मदर टेरेसा को दिया गया था।

2008 में मस्तिष्क में कई ट्यूमर की समस्या से ग्रसित ब्राजील का युवक ठीक हो गया था। बताया जाता है कि पीडि़त व्यक्ति मदर की प्रार्थनाओं और उनकी तस्वीर देखने के बाद ठीक हो गया था। पिछले साल वेटिकन ने इसका श्रेय भी उन्हें ही दिया।

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Edited By: Manish Negi