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किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार का नया प्लान, अब हर महीने कृषि योजनाओं की समीक्षा करेंगे कलेक्टर

Published: Mon, 12 Oct 2026 11:14 PM (IST)

केंद्र सरकार प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत 100 पिछड़े जिलों में कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए जिला स्तर पर निगरानी मजबूत करेगी।

कलेक्टर हर माह करेंगे कृषि कार्ययोजना की प्रगति की समीक्षा

कलेक्टर हर माह करेंगे कृषि कार्ययोजना की प्रगति की समीक्षा

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कृषि की विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने और सौ पिछड़े जिलों में उत्पादकता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार जिला स्तर पर निगरानी मजबूत करेगी। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (पीएमडीडीकेवाई) के तहत कलेक्टर हर महीने जिले की कृषि कार्ययोजना की प्रगति की समीक्षा करेंगे।

उद्देश्य खेती में पिछड़ रहे जिलों की समस्याओं की पहचान कर योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना है। योजना के तहत उन जिलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां कृषि उत्पादकता, फसल सघनता और संस्थागत ऋण की उपलब्धता कम है।

कलेक्टर हर माह करेंगे कृषि कार्ययोजना की प्रगति की समीक्षा

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को नई दिल्ली के पूसा परिसर में आयोजित योजना के सम्मेलन में जुटे 50 से अधिक जिलाधिकारियों, विज्ञानियों और नीति-निर्माताओं को संबोधित किया।

इस दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित किया गया। बिहार के बांका जिले में प्राकृतिक खेती और भूमि पुनरुद्धार के माडल को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़, छत्तीसगढ़ के कोरबा और पंजाब के फाजिल्का में किए गए कृषि नवाचारों की भी सराहना की गई।

सम्मेलन में पूर्वी भारत और पिछड़े जिलों में किसान क्रेडिट कार्ड का दायरा बढ़ाने एवं कृषि ऋण का प्रवाह तेज करने पर जोर दिया गया। समय पर पूंजी उपलब्ध होने से किसान बेहतर बीज, उर्वरक और उन्नत कृषि तकनीक अपना सकेंगे।

किसानों को बेहतर बीज, उर्वरक व उन्नत तकनीक मिलेगी

फसल सघनता और किसानों की आय बढ़ाने के लिए धान की कटाई के बाद खाली रहने वाले खेतों में दलहन और तिलहन की खेती को मिशन मोड में बढ़ावा देने की रणनीति बनाई गई। इससे खेतों का बेहतर उपयोग होगा और किसानों को अतिरिक्त उत्पादन एवं आय का अवसर मिलेगा।

योजना के तहत सिंचाई, जल संरक्षण, कृषि प्रसंस्करण, सहकारिता, एफपीओ, पशुपालन, डेरी और मत्स्य पालन को भी जिला कृषि कार्ययोजना से जोड़ने पर जोर है। उद्देश्य उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों को उपज का बेहतर मूल्य दिलाना और खेती से जुड़े अन्य कारोबारों के जरिये उनकी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करना है।

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