कोच्चि, एजेंसी। आतंकी फंडिंग को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के साथ मिलकर कई राज्यों में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान पीएफआई के 106 सदस्यों को गिरफ्तार भी किया गया था। अब पीएफआई को लेकर बड़े खुलासे हो रहे हैं।

NIA का बड़ा खुलासा

एनआईए ने अपनी रिमांड रिपोर्ट में कहा है कि इस हफ्ते गिरफ्तार किए गए 10 आरोपी सदस्यों ने कमजोर युवाओं को आतंकी संगठनों जैसे- लश्कर-ए-तैयबा, आईएसआईएस और अल कायदा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया था। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी पीएफआई नेताओं ने हिंसक जिहाद के हिस्से के रूप में आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देकर भारत में इस्लामी शासन स्थापित करने की भी साजिश रची थी।

रिमांड रिपोर्ट में कहा गया, 'केरल में पीएफआई, इसके पदाधिकारियों, सदस्यों और सहयोगियों ने गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त होने की साजिश रची है। इनका इरादा विभिन्न धर्मों और समूहों के सदस्यों के बीच शत्रुता पैदा करना, सद्भाव बिगाड़ना, सार्वजनिक शांति को बाधित करना और भारत के खिलाफ असंतोष पैदा करना था। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि ये लोग आम जनता में भय पैदा करने और युवाओं को आतंकी संगठनों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करते थे।

15 राज्यों में 93 ठिकानों पर छापे

गौरतलब है कि इसी गुरुवार को एनआईए ने ईडी और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान पीएफआई से जुड़े 106 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इन लोगों पर आतंकियों को धन मुहैया कराने, उन्हें प्रशिक्षण देने और संगठन में युवाओं को शामिल करने के लिए उन्हें बहकाने का आरोप हैं। एनआईए ने दिल्ली, यूपी, राजस्थान, बिहार, असम, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में छापेमारी की थी।

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Edited By: Manish Negi

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