राज्य ब्यूरो, मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने आज महाराष्ट्र की अल्पमत भाजपा सरकार को अपने समर्थन का वायदा दोहराते हुए कहा कि हमारी पार्टी सदन में जरूरत पड़ने पर सरकार के पक्ष में मतदान करेगी। पवार के अनुसार सरकार को उनका यह समर्थन बिना शर्त होगा।

विधानसभा चुनाव के परिणाम आते ही भाजपा के पक्ष में बिना शर्त समर्थन जाहिर कर चुकी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता पवार ने आज कहा कि उनकी पार्टी जरूरत पड़ने पर फणनवीस सरकार के पक्ष में मतदान करेगी। पवार के अनुसार उनकी पार्टी का यह निर्णय मतदाता के अधिकार की तरह है। जिस पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। न ही यह पूछा जा सकता है कि वह अपना मत किसे दे रहा है। पवार ने यह भी स्पष्ट किया कि न तो उनसे किसी ने समर्थन मांगा है, न ही समर्थन देने से पहले हमने से किसी से पूछा है। चूंकि हमारे और कांग्रेस के सदस्य मिलकर सरकार नहीं बना सकते। और जल्दी-जल्दी चुनाव होना महाराष्ट्र बर्दाश्त नहीं कर सकता। इसलिए जो पार्टी सरकार बनाने के सबसे करीब थी, हमने उसे समर्थन देने का फैसला किया है। राकांपा के समर्थन को लेकर शिवसेना-भाजपा में बढ़ी तल्खी पर इशारों-इशारों में टिप्पणी करते हुए मराठा छत्रप ने कहा कि किसी को समर्थन देना हमारा अधिकार है। हम किसी के पक्ष में मतदान करना चाहें तो वह उसे चाहकर भी लौटा नहीं सकता।

महाराष्ट्र में स्थिर सरकार देने के लिए भाजपा को उनका समर्थन कब तक जारी रहेगा ? इसका जवाब देते हुए पवार ने कहा कि अल्पमत सरकार चलाना एक कला है। नरसिंहराव की अल्पमत सरकार पांच साल चली थी। वाजपयी सरकार भी अल्पमत सरकार ही थी। पवार के अनुसार यह यह मुख्यमंत्री पर निर्भर करता है कि वह अल्पमत सरकार किस तरह चला पाते हैं।

शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा था कि शरद पवार ने ही सबसे पहले भगवा आतंकवाद शब्द का प्रयोग किया था। इसका जवाब देते हुए पवार ने कहा कि उन्होंने सबसे पहले मालेगांव विस्फोट के बाद इस शब्द का उपयोग किया था। उसके बाद से हम कई बार ठाकरे निवास मातोश्री जा चुके हैं। वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के चुनाव के समय समर्थन मांगने भी मातोश्री गए थे। तब किसी को भगवा आतंकवाद क्यों नहीं याद आया।यह पूछे जाने पर कि क्या वह भाजपा को समर्थन अपनी पार्टी के कुछ नेताओं के विरुद्ध घोटालों की जांच रुकवाने के लिए कर रहे हैं ? पवार ने कहा कि दिल्ली और महाराष्ट्र दोनों जगह भाजपा की सरकारें हैं। वह चाहें तो निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने ला सकते हैं।

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Posted By: manoj yadav