ऋषिकेश। नेपाल के भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में परमार्थ निकेतन व गंगा एक्शन परिवार भी राहत व बचाव कार्य में जुटा है। परमार्थ निकेतन ने काठमांडू से 200 किलोमीटर दूर भूकंप से तहस नहस हुए सौ परिवारों के एक गांव को नए सिरे से बसाने का संकल्प लिया है।

भूकंप प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लौटे परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि महाराज ने बुधवार को बताया कि पहले केदारनाथ, फिर अमरनाथ और अब भगवान शिव की धरती पशुपतिनाथ में प्रकृति की विनाश लीला ने मानव सभ्यता को चेतावनी देने का काम किया है।

प्रकृति की इस चेतावनी को हमें समय रहते महसूस करने और इससे बचने के लिए कारगर कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि परमार्थ निकेतन ने काठमांडू के समीप भूकंप से प्रभावित अनाथ बच्चों व विधवाओं के लिए आश्रम 'मात्रछाया' के निर्माण का फैसला किया है।

नेपाल की आपदा में जन्मा आयुष भारत

Posted By: Gunateet Ojha

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