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हाइवे पर 120 की स्पीड से भरिए रफ्तार, नहीं होगा ओवरस्पीड का चालान; जानिए नए नियम

Published: Tue, 27 Oct 2026 07:40 PM (IST)

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि एक्सप्रेसवे पर 120 किमी/घंटा या उससे 20% अधिक गति पर चालान ...और पढ़ें

एक्सप्रेसवे पर 120 किमी/घंटा तक गति पर चालान नहीं होगा

एक्सप्रेसवे पर 120 किमी/घंटा तक गति पर चालान नहीं होगा

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देशभर में एक्सप्रेसवे का नेटवर्क बड़ा होता जा रहा है। यह समस्या है कि तेज गति के कारण वाहन दुर्घटनाओं का जोखिम अधिक रहता है, लेकिन ऐसी शिकायतें भी मिल रही हैं कि कई एक्सप्रेसवे पर निर्धारित गति सीमा के भीतर भी वाहन चालकों के पास चालान पहुंच रहे हैं।

अब केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने स्पष्ट कर दिया है कि 120 किलोमीटर की गति या उससे 20 प्रतिशत भी अधिक गति से चलने वाले वाहनों का चालान नहीं किया जाएगा। उन्होंने दावा किया है कि इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिया गया है।

हालांकि, वाहन चालकों द्वारा लेन बदलने को अधिक जोखिम भरा मानते हुए उन्होंने बताया कि लेन अनुशासन का पालन कराने के लिए नेशनल हाईवे को एआई आधारित आटोमैटिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से लैस करने की शुरुआत की जा रही है।

हाइवे पर 120 किमी/घंटा तक गति पर चालान नहीं होगा

सीआईआई के कार्यक्रम में मंगलवार को केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 120 किलोमीटर प्रतिघंटा या उससे 20 प्रतिशत से भी अधिक की गति सीमा कोई पार करे तो चालान भेजा जाए। उल्लेखनीय है कि उन्होंने स्वयं माना कि कई लोगों को ओवरस्पीडिंग के चालान भेजे जा रहे हैं।

वहीं, एटीएमएस को लेकर उन्होंने बताया कि इसे लेकर गति दिवस ही उनके सामने अधिकारियों द्वारा प्रेजेंटेशन दिया गया है। इसके तहत पहले चरण में दस हजार किलोमीटर के एनएचए नेटवर्क पर एटीएमएस लगाया जाना है। ध्यान रहे कि अभी कुछ प्रमुख एक्सप्रेसवे पर ही यातायात प्रबंधन की इस उन्नत तकनीक की शुरुआत की जा सकी है।

बिहार की सभी नदियों की ड्रेजिंग कराएगा सड़क परिवहन मंत्रालय

बिहार में बाढ़ की समस्या विकराल है। इस वर्ष भी वहां बाढ़ के कारण त्राहि-त्राहि मची रही। नितिन गडकरी ने बताया कि उनका मंत्रालय बिहार सरकार के साथ जल्द ही एक एमओयू करने जा रहा है, जिसके लिए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आने वाले हैं। उन्होंने बताया कि एमओयू के तहत सड़क परिवहन मंत्रालय बिहार की सभी नदियों की ड्रेजिंग कराएगा।

उससे निकलने वाले स्लज का उपयोग हाईवे निर्माण में किया जाएगा। बिहार सरकार का एक पैसा भी खर्च नहीं होगा और इससे बिहार बाढ़ मुक्त हो सकता है। मंत्री ने दावा किया कि इसी तरह वह अब तक 1600 तालाब खुदवा चुके हैं और उसकी मिट्टी का उपयोग हाईवे परियोजनाओं में किया गया है।

ई-20 को लेकर चलाया गया 'पेड प्रोपेगेंडा'

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने देश पर 22 लाख करोड़ रुपये के पेट्रो पदार्थों के आयात के भार का दावा करते हुए बायो फ्यूल, बायो बिटुमिन आदि के उपयोग पर जोर दिया। साथ ही कहा कि कई कंपनियां अब फ्लेक्स फ्यूल की गाड़ियां बना रही हैं।

2022 से चार करोड़ कारें और 20 करोड़ दोपहिया वाहन ई-20 पर चल रहे हैं, लेकिन तीन माह पहले काफी हंगामा किया गया। गडकरी ने आरोप लगाया कि यह ई-20 को लेकर पेड प्रोपेगेंडा था, लेकिन अब सब कुछ शांत हो गया। उन्होंने चुनौती दी कि देश में कोई एक भी व्यक्ति हो तो सामने आए, जिसकी गाड़ी ई-20 के कारण खराब हुई हो।

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