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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आज बंद रहेंगे मेडिकल स्टोर, नड्डा ने कहा- नहीं होगी ऑनलाइन बिक्री

By Sanjeev TiwariEdited By:
Published: Wed, 14 Oct 2015 03:32 AM (IST)Updated: Wed, 14 Oct 2015 08:32 AM (IST)

एक ओर जहां भारत में दवाएं अॉनलाइन बाजार में आसानी से उपलब्ध हो रही हैं वहीं स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ...और पढ़ें

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। एक ओर जहां भारत में दवाएं अॉनलाइन बाजार में आसानी से उपलब्ध हो रही हैं वहीं स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि सरकार ने अभी तक दवाओं की आनलाइन बिक्री की कोई इजाजत नहीं दी है। हालांकि अपने बयान में उन्होंने यह नहीं कहा है कि इस पर रोक लगाने का अब तक क्या प्रयास किया गया है। दवा विक्रेताओं के संघ ने दवाओं की अॉनलाइन बिक्री के विरोध में बुधवार को देश भर में दवा दुकानों की हड़ताल बुलाई है। इससे देश भर में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा है कि स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने दवाओं की इंटरनेट के जरिए बिक्री की इजाजत के प्रयास के आरोपों को ले कर बुलाई गई हड़ताल के संबंध में 'आल इंडिया आर्गनाइजेशन आफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (एआइओसीडी) के अध्यक्ष से बात की है। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है। साथ ही इसमें कहा गया है कि इस संबंध में कोई फैसला लेने से पहले दवा विक्रेताओं के पक्ष पर ध्यान दिया जाएगा। मगर देश भर में विभिन्न वेबसाइटों के जरिए धड़ल्ले से बिक रही दवाओं को ले कर इसमें कुछ नहीं कहा गया है।

इस संबंध में मंत्रालय के संयुक्त सचिव केएल शर्मा से जब 'दैनिक जागरण' ने पूछा तो उन्होंने जरूर स्पष्ट किया कि आनलाइन दवा कारोबार पूरी तरह से गैर कानूनी है। सरकार की ओर से इस पर कार्रवाई करने या इसके गैर कानूनी होने के बारे में लोगों को जागरुक करने को ले कर क्या प्रयास हो रहा है, यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'ऐसे जितने मामले हमारी जानकारी में आते हैं, हम उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं।'

उधर, एआइओसीडी के अध्यक्ष जेएस शिंदे ने कहा है कि वे बुधवार को हड़ताल पर जा रहे हैं, क्योंकि उन्हें देश भर के साढ़े आठ लाख दवा विक्रेताओं के साथ ही आम लोगों के स्वास्थ्य की भी चिंता है। कानूनन अधिकांश दवाएं डाक्टर के पर्चे के आधार पर ही बेची जा सकती हैं, क्योंकि इनके दुरुपयोग से बहुत सी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। मगर आनलाइन बिक्री में इस तरह के अंकुश बहुत मुश्किल हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी बताया है कि संगठन के प्रतिनिधियों के साथ इसके अधिकारियों की भी विस्तृत बैठक हुई है। इसमें मंत्रालय ने उन्हें बताया है कि जुलाई में दवा संबंधी सलाहकार समिति (डीसीसी) की बैठक में दवाओं की आनलाइन बिक्री के संबंध में विचार करने के लिए एक उप समिति जरूर गठित की गई है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए कि सरकार इसकी इजाजत देने की मंशा से यह कर रही है। यह उप समिति अपने विचार-विमर्श के दौरान उनका पक्ष जरूर जानेगी।

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