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सड़क हादसों पर लगाम लगाने की नई मुहिम: गडकरी ने चुने देश के 100 'हाई-रिस्क' जिले, 50% हादसे कम करने का लक्ष्य

Published: Thu, 26 Feb 2026 10:00 PM (IST)

सड़क परिवहन मंत्रालय ने देश के 100 सर्वाधिक दुर्घटनाग्रस्त जिलों की पहचान की है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी इन जिलों ...और पढ़ें

सड़क हादसों पर लगाम लगाने की नई मुहिम। (पीटीआई)

सड़क हादसों पर लगाम लगाने की नई मुहिम। (पीटीआई)

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सड़क हादसों को कम करने के तमाम प्रयासों की विफलता के बीच सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय अब नई योजना पर काम कर रहा है। मंत्रालय ने देशभर से ऐसे सौ जिले चिन्हित किए हैं, जहां सड़क हादसे अधिक होते हैं।

अपने संसदीय क्षेत्र नागपुर में सड़क हादसे घटाने में महत्वपूर्ण भूमिका का श्रेय वहां के पुलिस अधीक्षक को देते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने तय किया है कि जल्द ही दिल्ली में इन सौ जिलों के कलेक्टरों का सम्मेलन बुलाया जाएगा। संबंधित सांसदों और मंत्रियों को भी बुलाकर उन्हें न सिर्फ सड़क सुरक्षा के उपाय सुझाए जाएंगे, बल्कि जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (सीआइआइ) के रोड सेफ्टी कॉन्क्लेव में एक बार फिर से सड़क हादसों के लिए खराब रोड इंजीनियरिंग के साथ ही कमजोर एनफोर्समेंट को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि लोगों में न तो कानून के प्रति सम्मान है और न ही डर है।

सड़क हादसों को लेकर संवेदनशीलता

मंत्रालय की ओर से किए जा रहे तमाम प्रयासों का उल्लेख करने के साथ ही केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि उनके संसदीय क्षेत्र नागपुर में एक पुलिस अधीक्षक ने सड़क हादसों को लेकर संवेदनशीलता दिखाई। खुद अपनी ओर से प्रयास कर ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर विशेषज्ञों के द्वारा उनके समाधान के तरीके तलाशे और उन पर काम किया।

नागपुर में सड़क हादसों में पचास प्रतिशत की कमी

मंत्री ने कहा कि इस प्रयास के कारण उस क्षेत्र में सड़क हादसों में पचास प्रतिशत की कमी आई है। इसे देखते हुए ही तय मंत्रालय ने आंकड़ों के आधार पर देशभर के ऐसे सौ जिले चिन्हित किए हैं, जहां अधिक हादसे हो रहे हैं। उनके ब्लैक स्पॉट और जोखिम वाली सड़कों को भी चिन्हित कर लिया है।

जिलों के कलेक्टरों का दिल्ली में होगा सम्मेलन 

उन्होंने बताया कि उन जिलों के कलेक्टरों का सम्मेलन दिल्ली में एक माह के भीतर आयोजित करने की तैयारी है। उसमें इन जिलों से संबंधित सांसदों और मंत्रियों को भी बुलाया जाएगा। विशेष तौर पर कलेक्टरों को बताया जाएगा कि वह किस तरह से सुरक्षा के उपाय कर सड़क हादसों को कम करने में भूमिका निभा सकते हैं। इसके साथ ही सांसदों-मंत्रियों को भी जिम्मेदारी लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

गडकरी ने बताया कि ऐसे जिलों को भी एक कार्यक्रम के तहत चिन्हित किया जा रहा है, जहां सड़क हादसों में शून्य मृत्यु हो। इसके साथ ही ऐसे जिलों को भी उजागर किया जाएगा, जहां कतई सुधार नहीं हो रहा है। साथ में जोड़ा कि यह करने में अच्छा नहीं लग रहा, लेकिन इस तरह जिम्मेदार अफसरों और जनप्रतिनिधियों पर भी दबाव बनेगा कि वह जिम्मेदारी समझें।

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