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पांच चालान पेंडिंग होने पर सस्पेंड हो जाएगा ड्राइविंग लाइसेंस, दिल्ली में सड़क सुरक्षा घोषणापत्र लॉन्च

Published: Thu, 19 Feb 2026 09:54 PM (IST)

आईआईटी दिल्ली में सड़क सुरक्षा घोषणापत्र लॉन्च किया गया, जिसका लक्ष्य 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50% कमी लाना है। ...और पढ़ें

लापरवाही से वाहन चलाने पर आपका लाइसेंस निरस्त हो सकता है। (फाइल फोटो)

लापरवाही से वाहन चलाने पर आपका लाइसेंस निरस्त हो सकता है। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत तक की कमी लाने के लिए सड़क सुरक्षा घोषणापत्र लॉन्च

  2. व्यवस्थित जिला स्तरीय एक्शन प्लान पर जोर, समाज-बाजार व सरकार की सुनिश्चित होगी भागीदारी

मुहम्मद रईस, दक्षिणी दिल्ली। सड़क दुर्घटना में लगभग हर तीन मिनट में एक जान जा रही है। मानवीय चूक के साथ ही कई बार इसके लिए गड्ढे, गलत कट, सड़क की खराब गुणवत्ता भी कारण बनते हैं। दिल्ली के द्वारका में तीन फरवरी को तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की टक्कर में बाइक सवार युवक की मौत भी ऐसा ही एक मामला है। जिस वाहन से दुर्घटना हुई उस पर 13 चालान पेंडिंग थे।

यह मॉनिटरिंग तंत्र की कमी मानी जाएगी। इस केस में हर बिंदु की स्टडी होनी चाहिए। यह मांग आईआईटी दिल्ली में भारत एसोसिएशन ऑफ रोड सेफ्टी (बीएआरएस) की ओर से बृहस्पतिवार को आयोजित नेशनल रोड सेफ्टी कॉन्फ्लुएंस में विशेषज्ञों ने रखी।

DelhiKhabar

आईआईटी दिल्ली में भारत एसोसिएशन ऑफ रोड सेफ्टी की ओर से आयोजित नेशनल रोड सेफ्टी कॉन्फ्लुएंस में सड़क सुरक्षा घोषणापत्र लॉन्च करते बीएआरएस के चेयरमैन रमा शंकर पांडे, रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे मंत्रालय के सेक्रेटरी वी. उमाशंकर व अतिथिगण। जागरण

भारत सरकार के रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे मंत्रालय के सेक्रेटरी वी. उमाशंकर ने कहा कि चालान की मॉनीटरिंग सख्ती से करने पर काम किया जा रहा है। पांच चालान पेंडिंग होने पर अब ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने पर भी विचार हो रहा है। कार्यक्रम में वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत तक की कमी लाने के लिए सड़क सुरक्षा घोषणापत्र लांच किया गया।

रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे मंत्रालय के सेक्रेटरी वी. उमाशंकर ने कहा कि हर एक्सीडेंट व्यक्तिगत होता है, हर नुकसान को रोका जा सकता है। केवल जागरूकता ही पर्याप्त नहीं है। हमें ऑर्गनाइज़्ड, डिस्ट्रिक्ट-लेवल एक्शन की जरूरत है, जिसे लागू करने का पक्का भरोसा हो और मजबूत संस्थाओं का सपोर्ट हो। चालान निपटाने के आसान रास्तों को बंद करना होगा।

इंश्योरेंस कंपनियां रीन्यूअल करने से पहले वाहन पर पेंडिंग चालान को जांचें। भीड़ वाली जगहों पर वालंटियर लगाए जाएं, जो समस्या की स्टडी कर संबंधित जिले में रिपोर्ट प्रस्तुत करे। ताकि उसके आधार पर सुधार हों और दुर्घटना में कमी लायी जा सके।

डब्ल्यूएचओ के रोड सेफ्टी के लिए एक्शन के दशक के ग्लोबल लीड डा. मैट्स-आके बेलिन ने कहा कि रोड सेफ्टी अब ग्लोबल एजेंडा में है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम जागरूकता से आगे बढ़ें और लगातार सबूतों के आधार पर इसे लागू करें ताकि कोई भी देश रोड ट्रैफिक से होने वाली मौतों को रोकने में पीछे न रहे। बीएआरएस के चेयरमैन रमा शंकर पांडे ने कहा कि रोड सेफ्टी सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट का मुद्दा नहीं है, यह गवर्नेंस की नैतिक जिम्मेदारी है।

घोषणापत्र के पांच मुख्य बिंदु

  • रोड सेफ्टी मैनेजमेंट: सभी स्तर पर मजबूत लीडरशिप, ओपन क्रैश डेटा, सालाना पब्लिक रिव्यू, डेडिकेटेड फंडिंग और बेहतर एनफोर्समेंट के जरिए।
  • सुरक्षित गाड़ियां और फ्लीट: घटिया कंपोनेंट हटाना, भारत के खास जोखिमों को दूर करना, असिस्ट और अलर्ट टेक्नोलाजी को बढ़ावा देना, और सप्लाई चेन की जवाबदेही पक्का करना।
  • सुरक्षित रोड यूज़र: स्पीड, हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल पर कम्प्लायंस में सुधार। एआइ-इनेबल्ड एनफोर्समेंट और एजुकेशन, हेल्थ, सेफ्टी व एनवायरनमेंटल, सोशल और गवर्नेंस सिस्टम में सेफ्टी को इंटीग्रेट करना।
  • पोस्ट-क्रैश रिस्पॉन्स: मोबिलिटी सेफ्टी के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना और फर्स्ट-रिस्पान्डर ट्रेनिंग, यूनिफाइड इमरजेंसी एक्सेस, ट्रामा केयर इंटीग्रेशन और रिसर्च-लेड सुधारों को स्टैंडर्डाइज करना।
  • सुरक्षित ड्राइविंग एनवायरनमेंट: पीपल-फर्स्ट रोड डिजाइन को बढ़ाना, उसके हिसाब से स्पीड मैनेजमेंट, कमजोर यूजर के लिए सुरक्षित सुविधाएं और असुरक्षित रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जीरे टालरेंस सुनिश्चित करना।