टोल प्लाजा पर रुकने की झंझट खत्म, नेशनल हाईवे के लिए NHAI ला रहा नया नियम
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर बैरियरमुक्त टोल व्यवस्था लागू करने के दिशानिर्देश जारी किए हैं।

NHAI ने बैरियरमुक्त टोल व्यवस्था के दिशानिर्देश जारी किए

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वालों को जल्द ही टोल प्लाजा पर रुकने और लंबी कतारों में इंतजार करने से छुटकारा मिल सकता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने बैरियरमुक्त टोल व्यवस्था लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
इसके लिए शुक्रवार को चार लेन और उससे अधिक चौड़े राष्ट्रीय राजमार्गों पर मल्टीलेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) टोलिंग प्रणाली के डिजाइन और बुनियादी ढांचे से जुड़े मानकीकृत दिशानिर्देश जारी किए गए।
गाड़ियां बिना रुके टोल प्लाजा से गुजर सकेंगी
एनएचएआई के अनुसार, नई व्यवस्था में वाहनों को टोल चुकाने के लिए रुकने की जरूरत नहीं होगी। इससे टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारें खत्म करने, यात्रा का समय घटाने और ईंधन की खपत कम करने में मदद मिलेगी।
इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाना है। टोल प्लाजा के डिजाइन में एकरूपतानए दिशानिर्देशों में टोल प्लाजा के लेआउट, टोल लेन की संख्या, गैंट्री की व्यवस्था और उनके स्थान, सड़क सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, संकेतक तथा अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए एक समान मानक तय किए गए हैं।
चूंकि इस व्यवस्था में वाहनों को टोल भुगतान के लिए रुकना नहीं होगा, इसलिए पारंपरिक टोल प्लाजा की तुलना में लेन की संख्या भी जरूरत के अनुसार कम रखी जा सकेगी।
इससे यात्रा का समय और ईंधन की बचत होगी
इससे उपलब्ध जगह का बेहतर इस्तेमाल होगा और वाहनों की आवाजाही आसान बनेगी।वाहन चालकों को टोलिंग क्षेत्र की जानकारी देने और यातायात सुचारु रखने के लिए पर्याप्त संकेतक तथा इलेक्ट्रानिक वेरिएबल मैसेज साइन (वीएमएस) लगाए जाएंगे।
इसके अलावा टोल प्लाजा के संचालन और रखरखाव के लिए प्रशासनिक भवन तथा रखरखाव केंद्र जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। नई और निर्माणाधीन परियोजनाओं में लागू होंगे नियमएनएचएआइ के ये दिशानिर्देश भविष्य की सभी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं और निर्माणाधीन परियोजनाओं पर लागू होंगे।
जिन परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है, उनमें नए डिजाइन को शामिल किया जाएगा। वहीं, जिन परियोजनाओं के ठेके पहले ही दिए जा चुके हैं या निर्माण कार्य चल रहा है, उनमें अनुबंध की शर्तों के अनुसार बदलाव किए जाएंगे।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।