NEET पेपर लीक: आरोपी के बेटे ने ग्रेस से पास की थी 12वीं, जिसके लिए खरीदा था पेपर; मार्कशीट वायरल
नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच में नए खुलासे हुए हैं, जिसमें आरोपी दिनेश बिवाल के परिवार ...और पढ़ें


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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। NEET UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच हर गुजरते दिन नए खुलासे कर रही है। भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा रद करनी पड़ी, जिससे 22 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित हुआ। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) अब राजस्थान के जयपुर ग्रामीण जिले के जमवा रामगढ़ के एक पूरे परिवार पर गहराई से जांच कर रही है।
परिवार के पांच सदस्य मेडिकल कॉलेज पहुंचे
जांच एजेंसियों को पता चला है कि आरोपी दिनेश बिवाल के परिवार के चार नहीं, बल्कि पांच सदस्यों ने मेडिकल कॉलेजों में दाखिला हासिल किया है। दिनेश की बेटी गुंजन ने NEET पास कर बनारस मेडिकल कॉलेज में सीट हासिल की।
उनके चाचा मांगीलाल और घनश्याम की बेटियों पलक और सोनिया ने भी परीक्षा पास की। सोनिया मुंबई के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ रही है, जबकि मांगीलाल की बेटी प्रकृति दौसा मेडिकल कॉलेज में है। विकास ने सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया। CBI का मानना है कि वर्षों से यह कथित संगठित पेपर लीक नेटवर्क सक्रिय रहा हो सकता है।

ऋषि बिवाल की मार्कशीट आई सामने
जांच के दौरान आरोपी दिनेश बिवाल के बेटे ऋषि बिवाल की राजस्थान बोर्ड (RBSE) सीनियर सेकेंडरी 2026 की मार्कशीट सामने आई है। ऋषि ने 500 में से मात्र 254 अंक प्राप्त कर सेकंड डिवीजन हासिल किया, जो 50.80 प्रतिशत है। ग्रेस मार्क्स की मदद ली गई।
विषयवार अंक इस प्रकार रहे- हिंदी 32, अंग्रेजी 51, भौतिकी 51, रसायन विज्ञान 58 और जीव विज्ञान 62। भौतिकी और रसायन में थ्योरी के अंक बेहद कम थे। जांचकर्ताओं का कहना है कि ऋषि इस साल NEET UG 2026 में शामिल हुआ था और उसके पिता दिनेश ने आरोपी यश यादव से कथित तौर पर लीक पेपर खरीदा।

इंटरस्टेट नेटवर्क का खुलासा
CBI के अनुसार, लीक का नेटवर्क महाराष्ट्र के अहिल्याबाई नगर के धनंजय से शुरू होकर नासिक के शुभम खैरनार होते हुए हरियाणा के यश यादव तक पहुंचा। यश, जो पहले सीकर में NEET की तैयारी कर चुका था, विकास के संपर्क में आया।
दिवाली के आसपास यश ने विकास और मांगीलाल को पेपर उपलब्ध कराने का वादा किया था। दिनेश ने अपने बेटे ऋषि और भतीजे अमन के लिए पेपर खरीदने के लिए बड़ी रकम का चुकाई थी।
सीकर में 15 घंटे पहले पहुंचा पेपर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीकर के विभिन्न कोचिंग सेंटरों में छात्रों को परीक्षा से लगभग 15 घंटे पहले ही लीक प्रश्न पत्र मिल गया था। ऋषि पर राकेश मंडावरिया के माध्यम से पेपर बांटने करने का आरोप है। लीक पेपर जमवा रामगढ़ के अन्य छात्रों तक भी पहुंचा। CBI और SOG की टीम राकेश मंडावरिया से पूछताछ कर रही है और उसे सरकारी गवाह बनाने की संभावना है।
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जांच में अब तक क्या आया सामने?
SOG द्वारा CBI को सौंपे गए लगभग दो दर्जन छात्रों और अभिभावकों को पूछताछ के बाद रिहा कर दिया गया है, लेकिन जरूरत पड़ने पर उन्हें दोबारा बुलाया जा सकता है। अधिकारी फिलहाल अंतर-राज्यीय नेटवर्क पर फोकस कर रहे हैं। इस मामले से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
