नई दिल्ली, अनुराग मिश्र/विवेक तिवारी ।  उद्योग और कृषि क्षेत्र में कई क्रांतियों का गवाह बन चुके गुजरात में एक और क्रांति होने जा रही है। यह क्रांति एविएशन सेक्टर में होगी। दरअसल, राज्य में एयर टैक्सी सेवा शुरू करने के लिए गुजरात सरकार अहमदाबाद के हंसोल में वर्टी पोर्ट बनाने जा रही है। यह देश का पहला वर्टी पोर्ट होगा। वर्टी पोर्ट का मतलब है जहां से वर्टिकल लैंडिंग और टेकऑफ हो सके। यहां ड्रोन और छोटे हेलिकॉप्टर अपनी जगह से ही उड़ान भरेंगे। एयर टैक्सी से आप भीड़ भरी सड़क पर फंसने के बजाय कुछ ही मिनट में अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। मेडिकल इमरजेंसी में मानव अंगों या अन्य मेडिकल इक्विमेंट्स को भी कम समय में एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जा सकेगा।

इस वर्टी पोर्ट पर आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। यहां चार्जिंग बे होंगे, जिससे वहां खड़े ड्रोन को चार्ज किया जा सकेगा। ड्रोन के लिए हैंगर होंगे और इनमें सामान लोडिंग-अनलोडिंग की आधुनिक सुविधा भी होगी। ड्रोन के उतरने के लिए शहर में कई जगह वर्टी स्पॉट बनाए जाएंगे। ये स्पॉट बिल्डिंगों की छत पर और खुली जगहों सहित एयरपोर्ट पर होंगे।

वर्टी पोर्ट की डिजाइनिंग और ऑपरेशन का पूरा प्लान गुजरात स्टेट एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लिमिटेड (GUJSAIL) ने तैयार किया है। GUJSAIL के सीईओ कैप्टन अजय चौहान ने बताया कि वर्टी पोर्ट एविएशन का फ्यूचर है। इसी को ध्यान में रखते हुए गुजरात सरकार ने देश का पहला वर्टी पोर्ट अहमदाबाद में बनाने की योजना तैयार की है। इसके लिए कंसल्टेंट भी नियुक्त कर लिया गया है। वर्टी पोर्ट पर काम शुरू हो चुका है, लेकिन इसके पूरी तरह ऑपरेशनल होने में कुछ साल लगेंगे।

दुनिया का पहला इलेक्ट्रिक वर्टी पोर्ट यूके में अर्बन-एयर पोर्ट नाम की कंपनी ने शुरू किया है। यह भविष्य में यूके के लोगों की स्वचलित ड्रोन और एयर टैक्सी जैसी जरूरतों को पूरा करेगा। यूके में जिस जगह यह वर्टी पोर्ट बनाया गया है वहां से देश के किसी भी हिस्से में अधिकतम 4 घंटे में पहुंचा जा सकता है। अर्बन-एयर पोर्ट 2024 से फ्लाइंग टैक्सी की सुविधा शुरू करने का भी प्रयास कर रही है। कंपनी की योजना अगले पांच सालों में दुनिया भर में इस तरह के 200 वर्टी पोर्ट बनाने की है।

चेन्नई स्थित विनाता एरोमोबिलिटी के संस्थापक और सीईओ योगेश रामनाथन अय्यर के मुताबिक अगले कुछ सालों में एविएशन सेक्टर में वर्टी पोर्ट बड़ी क्रांति के तौर पर देखे जाएंगे। अमेरिका में कई वर्टी पोर्ट विकसित किए जा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में भी इस पर काफी तेजी से काम हो रहा है। इनका इस्तेमाल खास तौर पर शहरों में एयर टैक्सी के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत में भी वर्टी पोर्ट विकसित करने के लिए सरकार और निजी क्षेत्र को तेजी से काम करने की जरूरत है।

Edited By: Vivek Tiwari