नई दिल्‍ली [स्‍पेशल डेस्‍क]। सरकारी नौकरियों के लिए बढ़ रही मारामारी को आसानी से किसी भी एग्‍जाम सेंटर के बाहर खड़े होकर महसूस किया जा सकता है। हर सेंटर पर सैकड़ों लोग इसके अंदर जाने और सरकारी नौकरी पाने की चाह में न मालूम कहां-कहां से आते हैं। हर किसी का अब सपना बन चुका है कि उसके पास सुरक्षित भविष्‍य के लिए कोई न कोई सरकारी नौकरी हो। लेकिन इसके उलट जो कुछ ऐसे भी हैं जो एग्‍जाम सेंटर के अंदर जाने के लिए वहां मौजूद नहीं होते हैं बल्कि उनका मकसद कुछ और होता है।

पैसे ऐंठना होता है मकसद
उनका मकसद भोले-भाले युवक और युवतियों को फंसाकर उन्‍हें सरकारी नौकरी लगवाने का लालच देकर उनसे पैसे ऐंठना होता है। कुछ इनके चंगुल में आ जाते हैं तो कुछ बच भी जाते हैं। हम आज आप लोगों को ऐसे ही लोगों की गिरफ्त में न आने की जानकारी दे रहे हैं। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि हाल ही में देश की राजधानी दिल्‍ली में ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें नौकरी लगवाने के नाम पर एक व्‍यक्ति ने एक या दो नहीं बल्कि सौ लोगों को ठग लिया। लेकिन उनका तरीका कुछ और ही था। इस मामले की शिकायत पुलिस ने दर्ज की है।

ठगे गए सौ लोग
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि वह सरकारी नौकरी की तलाश में थे। एक वेबसाइट पर उन्होंने रेलवे में नौकरी का विज्ञापन देखा। उसमें 100 फीसद नौकरी की गारंटी दी गई थी। उन्होंने वेबसाइट पर खुद को रजिस्टर्ड करा दिया। कुछ समय बाद अनामिका नामक एक लड़की ने उन्हें फोन किया। उसने रेलवे में टीटीई की नौकरी लगवाने का आश्वासन देकर रजिस्ट्रेशन के नाम पर 2200 रुपये वसूले। रजिस्ट्रेशन के बाद साक्षात्कार और सुरक्षा राशि के नाम पर 22,600 रुपये एक बैंक अकाउंट में जमा करवाए। इसके बाद उन्हें तीन साल के लिए टीटीई की नौकरी का नियुक्ति पत्र भेजा गया। खुद को रेलवे का अधिकारी बताने वाले एक शख्स ने उन्हें फोन करके मुबारकबाद भी दी।

ये कोई पहला मामला नहीं
आपको बता दें कि इस तरह का कोई एक मामला नहीं है। ऐसे पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं। आपको ये भी बता दें कि इस तरह के मामलों को अंजाम देने वाले कोई इक्‍का-दुक्‍का लोग नहीं है बल्कि पूरा एक गिरोह इसके लिए काम करता है। दिल्‍ली पुलिस ने ऐसे ही एक गिरोह का पर्दाफाश भी किया है। ये गिरोह रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को ठगता था। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान मोहम्मद इकबाल, यश मलिक, ललित सैनी, मोहम्मद इरशाद और नीरज यादव के रूप में हुई है। इनमें मोहम्मद इकबाल व इरशाद सगे भाई हैं और दोनों बीसीए व बीएससी की पढ़ाई कर चुके हैं।

कई चीजें हुई बरामद 
पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर 16 एटीएम कार्ड, पांच पेन कार्ड, 29 मोबाइल फोन, 12 लैपटॉप, दो कारें और 6.58 लाख रुपये नकद के अलावा अन्य सामान भी बरामद किया है। यह गिरोह देशभर में अब तक 100 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी कर चुका है। एक करोड़ रुपये से ज्यादा रकम ठगने का अंदेशा है। पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार सिंह के मुताबिक, मंडावली थाने में राजेश कुमार नामक शख्स ने धोखाधड़ी की शिकायत दी थी। यह सब आपको इसलिए भी बताया जा रहा है कि जिस तरह से आज के ठग काफी हाईटैक हो चुके हैं वहीं आपको भी इनके प्रति जागरुक और अधिक सतर्क होने की जरूरत है।

इनसे बचने के ये हैं उपाय
इसके लिए जरूरी है कि आप फर्जी वेबसाइट पर बिल्‍कुल भी ध्‍यान न दें। आपको ये भी बता दें कि कोई भी सरकारी नौकरी का विज्ञापन उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर ही होता है, इसके लिए किसी भी दूसरी फर्जी वेबसाइट पर जाकर उसपर विश्‍वास करने की भूल न करें। यहां पर एक बात और ध्‍यान में रखने वाली है। वो ये है कि कभी भी सरकारी नौकरी के लिए आपसे पैसे नहीं मांगे जाते हैं। यदि आप किसी फर्जी वेबसाइट के जरिए किसी ठग के चक्‍कर में पड़ भी गए हैं तो उसको न तो अपना बैंक अकांउट नंबर मुहैया करवाएं और न ही कभी उसको कोई भी अपना पेपर दें और न ही कोई पैसे दें। इसके उलट इसकी शिकायत पुलिस को तुरंत करें जिससे दूसरे लोगों को भी इसके चंगुल में आने से बचाया जा सके।

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By Kamal Verma