नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। पंजाब पुलिस के पूर्व प्रमुख केपीएस गिल की जीवनी 'द पैरामाउंट कॅाप' में गुजरात दंगों के लिए नरेंद्र मोदी को क्लीनचिट दी गई है। उन्होंने कहा कि इन दंगों के लिए मोदी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। बृहस्पतिववार रात इंडिया हैबिटेट सेंटर में अपनी जीवनी के विमोचन के मौके पर केपीएस गिल ने कहा कि देश अभी भी दंगों का दंश झेलने पर मजबूर है। सभी पार्टियां एक ही ढर्रे पर चल रही हैं। केवल गिने चुने नेताओं पर ही देश को विकास की राह पर ले जाने का भरोसा किया जा सकता है।

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गिल ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से उनके परिवार के सदस्य नाराज हैं, क्योंकि इस पुस्तक में गुजरात दंगों के लिए मोदी को जिम्मेदार न ठहराकर हालात को समझने में पुलिस की बेबसी और पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को दोषी ठहराने की वकालत की गई है। इस पुस्तक के लेखक राहुल चंदन हैं। गिल ने खुलासा किया कि गुजरात दंगों के दौरान लालकृष्ण आडवाणी हालात काबू करने के लिए उन्हें गुजरात पुलिस प्रमुख बनाना चाहते थे, लेकिन उनकी सेवानिवृत्तिहो जाने के कारण ऐसा मुमकिन नहीं था। बाद में उन्हें मोदी का सुरक्षा सलाहकार बनाया गया। दंगों के दौरान मोदी से पहली मुलाकात का जिक्र करते हुए गिल ने कहा कि मोदी ने उनसे कहा था कि अथक प्रयासों के बाद भी वह दंगा रोकने में नाकाम हैं। उन्होंने पड़ोसी राज्यों से पुलिस फोर्स मांगी, लेकिन उन्होंने देने से इन्कार कर दिया। विपक्षी पार्टियां, मीडिया लगातार उन पर हमले किए जा रही हैं। गिल के मुताबिक मोदी ने कहा था कि उनकी पहली प्राथमिकता सभी लोगों को खुश देखना है।

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