यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Newsclick के संस्थापक के फ्लैटों के रखरखाव पर भी खर्च हुई थी विदेशों से आई रकम, ईडी कर रही जांच
ED न्यूजक्लिक पोर्टल में 86 करोड़ रुपये से अधिक की कथित विदेशी फंडिंग की जांच कर रहा है। जांच में ...और पढ़ें

HighLights
- ईडी कर रही मामले की जांच
- ईडी ने 4.52 करोड़ रुपये के फ्लैट को जब्त कर रखा है
नई दिल्ली, पीटीआई। ईडी न्यूजक्लिक पोर्टल में 86 करोड़ रुपये से अधिक की कथित विदेशी फंडिंग की जांच कर रहा है। मामले में जल्द ही आरोप पत्र दाखिल करने की उम्मीद है। जांच में पता चला है कि कंपनी में प्राप्त धनराशि कथित तौर पर न्यूजक्लिक के संस्थापक पुरकायस्थ से जुड़े दक्षिण दिल्ली के साकेत इलाके में एक फ्लैट के रखरखाव और नवीकरण कार्यों के लिए भी इस्तेमाल की गई थी।
ईडी ने फ्लैट को जब्त कर लिया है
ईडी ने 4.52 करोड़ रुपये के इस फ्लैट और पुरकायस्थ की 41 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपाजिट को पहले ही जब्त कर लिया है। इसमें कहा गया है कि कंपनी ने कुछ पत्रकारों को किए गए अन्य भुगतान के अलावा जेल में बंद कार्यकर्ता गौतम नवलखा को वेतन के रूप में 17.08 लाख रुपये का भुगतान किया था।
ईडी की जांच में कंपनी ने जस्टिस एंड एजुकेशन फंड इंक, द ट्राइकांटिनेंटल लिमिटेड इंक, जीएसपीएएन एलएलसी और ब्राजील के सेंट्रो पापुलर डी मिडास से क्रमश: 76.84 करोड़ रुपये, 1.61 करोड़ रुपये, 26.98 लाख रुपये और 2.03 लाख रुपये एक्सपोर्ट रिमिटेंस के माध्यम से प्राप्त करने का दावा किया है।
राष्ट्र-विरोधी समाचार अपलोड करने के लिए बनाया गया था पोर्टल
ईडी को इन संस्थाओं को सेवाएं निर्यात करने का कोई सबूत नहीं मिला है। ईडी 9.59 करोड़ रुपये एफडीआइ की भी जांच कर रहा है, जो अप्रैल 2018 में लिमिटेड वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग्स एलएलसी नामक कंपनी से पीपीके न्यूजक्लिक स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड के शेयरों के सब्सक्रिप्शन के माध्यम से प्राप्त हुआ था। ईडी को संदेह है कि जो धनराशि जस्टिस एंड एजुकेशन फंड इंक के माध्यम से भेजी गई थी वह नेविल राय सिंघम की थी।
ईडी के सूत्रों ने दावा किया कि पीपीके न्यूजक्लिक स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड के फंडिंग पैटर्न की जांच से पता चलता है कि इसे सिंघम के कहने पर राष्ट्र-विरोधी समाचार अपलोड करने के लिए बनाया गया था। यह भी आरोप है कि निवेशक (सिंघम) पोर्टल पर समाचार की सामग्री को प्रभावित कर रहा था।
इसलिए यह पेड न्यूज का मामला था। वहीं, न्यूजक्लिक ने सोमवार शाम बयान जारी कर कहा है कि कुछ नेताओं और मीडिया वर्ग की ओर से उसके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप निराधार और तथ्य विहीन हैं।
इसमें कहा गया है कि पिछले 12 घंटों में न्यूजक्लिक के खिलाफ झूठे और भ्रामक आरोप लगाए गए हैं। यह उन मामलों से संबंधित हैं जो भारत में अदालतों के समक्ष विचाराधीन हैं।