यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
One Nation One Election प्रस्ताव को मोदी कैबिनेट की मंजूरी, लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ करवाने की राह आसान
One Nation One Election विधानसभा और लोकसभा के चुनाव एक साथ करवाने की राह अब आसान हो गई है। एक ...और पढ़ें

HighLights
- रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनी कमेटी की रिपोर्ट के बाद प्रस्ताव को मिली मंजूरी।
- 18 हजार 626 पन्नों की है कोविंद कमेटी की रिपोर्ट।
एजेंसी, नई दिल्ली। One Nation One Election देश में विधानसभा और लोकसभा के चुनाव एक साथ करवाने की राह अब आसान हो गई है। एक देश एक चुनाव के प्रस्ताव को आज मोदी कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनी कमेटी की रिपोर्ट के बाद इस प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूरी मिल गई है।
शीतकालीन सत्र में एनडीए सरकार यह बिल संसद में लेकर आएगी।
शाह ने सरकार के 100 दिन पूरे होने पर दिए थे संकेत
मोदी सरकार पिछले कार्यकाल से ही एक देश एक चुनाव (One Nation One Election Meaning) को लेकर गंभीर थी। पीएम मोदी ने कई मौकों पर और चुनावी जनसभाओं में भी वन नेशन वन इलेक्शन की बात कही थी। हाल ही में एनडीए सरकार के 100 दिन पूरे होने पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने वन नेशन वन इलेक्शन के एनडीए के संकल्प को दोहराया था। अब संसद के शीतकालीन सत्र में इस प्रस्ताव पर विधेयक पेश किया जाएगा।
लाल किले से पीएम मोदी ने किया था जिक्र
15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से दिए गए भाषण में वन नेशन-वन इलेक्शन का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि बार-बार चुनाव देश की प्रगति में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।
18 हजार 626 पन्नों की है कोविंद कमेटी की रिपोर्ट
एक देश एक चुनाव के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने इसी साल 14 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। वन नेशन वन इलेक्शन की यह रिपोर्ट 18 हजार 626 पेज की है।
