'मुंबई को बना देंगे इंटरनेशनल लेवल का शहर...' BMC चुनाव के लिए महायुति ने जारी किया घोषणापत्र
महायुति ने मुंबई नगर निगम चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया, जिसमें भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और आरपीआई ...और पढ़ें
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BMC चुनाव के लिए महायुति ने जारी किया घोषणापत्र

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महायुति ने महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव (BMC) के लिए अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। इस चुनाव में भाजपा- एकनाथ शिंदे की शिवसेना-भारतीय रिपब्लिकन पार्टी (आठवले) साथ चुनाव लड़ने वाले हैं।
बीएमसी चुनाव के लिए घोषणा पत्र जारी करने के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
महायुति ने जारी किया घोषणापत्र
महायुति के इस घोषणापत्र में परिवहन और महिलाओं की सुरक्षा प्रमुख मुद्दे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि गठबंधन का लक्ष्य बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बीईएसटी) के बेड़े को लगभग 5,000 बसों से बढ़ाकर 10,000 करना है। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने पर जोर दिया जाएगा और महिला यात्रियों के लिए किराए में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
मुंबई को बनाएंगे इंटरनेशनल लेवल का शहर
महायुति ने अपने घोषणापत्र में मुंबई के विकास के लिए शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया है. सरकार ने बारिश की समस्या के समाधान के लिए ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम को आधुनिक बनाने की बात कही है।
महायुति के घोषणापत्र में मेट्रो और रेलवे स्टेशनों के आसपास अंतिम-मील कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए 'मिडी' और 'मिनी' सेवाओं पर भी जोर दिया गया है।
विपक्ष ने किया हमला
एनसीपी (शरद पवार) नेता सुप्रिया सुले ने सत्ताधारी महायुति सरकार पर तीखा हमला करते हुए दावा किया है कि ठाणे को सभ्य शहर के रूप में पेश किया गया है, लेकिन पानी की कमी, कचरा डंपिंग स्थल और अन्य नागरिक समस्याएं अनसुलझी ही हैं।
संजय राउत ने भी बीजेपी पर जमकर निशाना साधा है। राउत ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, 'पुणे कभी बहुत खूबसूरत शहर था, लेकिन आज यह गुंडों के शहर के रूप में जाना जाता है। चाहे भाजपा हो या अजीत पवार की पार्टी, शायद ही कोई ऐसा गिरोह हो जिसके रिश्तेदारों को इन पार्टियों ने चुनाव टिकट न दिया हो। मैंने एक बार कहा था कि अगर ये लोग दाऊद से मिले होते, तो वे उसके भाई या रिश्तेदारों को टिकट दे देते, जिनमें छोटा शकील और छोटा राजन भी शामिल हैं। ये लोग बिना गुंडागर्दी के चुनाव नहीं जीत सकते।'
