उद्धव के मुख्यमंत्री रहते की गई थी फडणवीस और शिंदे को झूठे केस में फंसाने की साजिश
पूर्व डीजीपी रश्मि शुक्ला की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि उद्धव ठाकरे सरकार के दौरान देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ ...और पढ़ें

उद्धव सरकार में फडणवीस और शिंदे को झूठे केस में फंसाने की साजिश। (पीटीआई)
HighLights
रश्मि शुक्ला की रिपोर्ट में फडणवीस-शिंदे को फंसाने का खुलासा।
उद्धव सरकार में झूठे केस में फंसाने की कोशिश की गई।
पूर्व डीजीपी संजय पांडे पर FIR की सिफारिश की गई।
राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र की पूर्व पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला द्वारा सरकार को सौंपी गई एक रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री रहते भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस एवं तब की अविभाजित शिवसेना के नेता एकनाथ शिंदे को एक झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की गई थी।
राज्य में चल रहे महानगरपालिका चुनावों के दौरान आई इस रिपोर्ट ने राजनीतिक माहौल और गर्म कर दिया है। अब इस मामले में पूर्व डीजीपी संजय पांडे सहित तीन अधिकारियों पर केस दर्ज करने की सिफारिश भी की गई है।
ठाणे नगर पुलिस थाने में 2016 में दर्ज एक पुराने में मामले को दुबारा खोलकर तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस एवं तब की उद्धव सरकार में मंत्री एकनाथ शिंदे को फंसाने की कथित साजिश एक विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट में सामने आई है।
यह रिपोर्ट पूर्व डीजीपी रश्मि शुक्ला ने पिछले सप्ताह तीन जनवरी को हुई अपनी सेवानिवृत्ति से पांच दिन पहले ही अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को सौंपी थी। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन राज्य में शिंदे सरकार आने के बाद भाजपा के विधान परिषद सदस्य प्रवीण दरेकर द्वारा विधानमंडल में उठाए जाने के बाद किया गया था।
सूत्रों के अनुसार एसआईटी की जांच में सामने आया है कि वर्ष 2016 में ठाणे नगर पुलिस थाने में श्यामसुंदर अग्रवाल के विरुद्ध एक मामला दर्ज किया गया था, जो अग्रवाल एवं भवननिर्माता संजय पुनमिया के बीच साझेदारी विवाद से जुड़ा था। वर्ष 2017 में इस मामले में आरोपपत्र भी दाखिल हो चुका था। इसके बावजूद उद्धव सरकार में डीजीपी बनाए जाने के बाद संजय पांडे ने इस मामले की दुबारा जांच करने के आदेश दिये थे।
पांडे के आदेश के बाद ठाणे के तत्कालीन उपायुक्त लक्ष्मीकांत पाटिल एवं सहायक आयुक्त सरदार पाटिल ने गवाहों पर बयान बदलने एवं फडणवीस व शिंदे का नाम जोड़ने के लिए दबाव बनाया था। इस प्रकरण में संजय पुनमिया ने आरोप लगाया है कि 2021 से जून 2024 तक पुराने केस की दोबारा जांच के नाम पर उनका उत्पीड़न किया गया, और उनसे पैसे की मांग की गई।
एसआईटी ने पुनमिया द्वारा दिए गए ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच भी कराई है, जिसमें पुलिस अधिकारी सरदार पाटिल, टाउन प्लानर दिलीप घेवारे एवं पुनमिया के बीच हुई बातचीत की पुष्टि हुई है।
बातचीत में तत्कालीन डीजीपी संजय पांडे द्वारा यह पूछे जाने की भी पुष्टि हुई है कि फडणवीस एवं शिंदे को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। अब रश्मि शुक्ला द्वारा सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट में पूर्व डीजीपी संजय पांडे एवं दो अन्य पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच करने की सिफारिश की है।
