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'कर्नाटक में वंदे मातरम के दो पैरा ही गाए जाएंगे', DK सरकार का फरमान जारी

Published: Thu, 10 Sep 2026 05:29 PM (IST)

कर्नाटक सरकार ने राज्य के सभी सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' का गायन अनिवार्य कर दिया है, लेकिन केवल दो पद गाने का आदेश दिया है।

कर्नाटक में वंदे मातरम की दो पैरा ही गाए जाएंगे (फाइल फोटो- डीके शिवकुमार)

कर्नाटक में वंदे मातरम की दो पैरा ही गाए जाएंगे (फाइल फोटो- डीके शिवकुमार)

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डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने राज्य के सभी सरकारी कार्यक्रमों और आधिकारिक समारोहों में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' का गायन अनिवार्य कर दिया है, लेकिन कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने आदेश जारी करते हुए यह भी कहा है कि राजकीय कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम' के सिर्फ दो पद गाए जाएं।

हाालंकि, इस आदेश में इस बात का भी जिक्र है कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और उन कार्यक्रमों में जिनका प्रतिनिधित्व केंद्र सरकार करेगी, वहां पूरा वंदे मातरम के सभी 6 पद गाए जाएंगे।

केंद्र सरकार के निर्देश के बाद लिया फैसला

दरअसल, कर्नाटक की डीके शिवकुमार सरकार का यह आदेश केंद्र सरकार के उस निर्देश के बीच आया है, जिसमें 'वंदे मातरम' के सभी छह पद गाना अनिवार्य कर दिया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस गीत ने राष्ट्रवाद, एकता और देशभक्ति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

पिछले महीने, कांग्रेस कार्य समिति ने 1937 के अपने उस प्रस्ताव का पालन करने का निर्णय लिया था कि पार्टी कार्यक्रमों में केवल पहले दो श्लोक ही गाए जाएंगे।

8 सितंबर, 2026 के सरकारी आदेश के अनुसार, यह फैसला केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर लिया गया है। यह आदेश कर्नाटक के राज्यपाल के नाम से जारी किया गया है।

क्या लिखा है आदेश में?

कन्नड़ में जारी आदेश के अनुवाद में लिखा, "भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के आधिकारिक संस्करण और विभिन्न सरकारी एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों में इसके गायन या वादन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका अवसरानुसार पालन किया जाना चाहिए।

राज्य सरकार ने राज्य में आयोजित होने वाले विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों और समारोहों के स्वरूप एवं अवसर के अनुसार राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के वादन/गायन में एकरूपता, सम्मान और उचित शिष्टाचार (प्रोटोकॉल) बनाए रखना आवश्यक समझा है।"

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