'महाभारत भी फेल', कपूर फैमिली के संपत्ति विवाद पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, ₹300000000000 के जायदाद बंटवारे का मामला
कपूर परिवार में 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर विवाद गहरा गया है। रानी कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में ...और पढ़ें


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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कपूर परिवार में 30,000 करोड़ रुपये की विरासत को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को दिवंगत बिजनेसमैन संजय कपूर की मां रानी कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर कर रघुवंशी इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड (RIPL) की 18 मई को प्रस्तावित बोर्ड बैठक रोकने की मांग की।
80 वर्षीय रानी कपूर ने इस बैठक को मध्यस्थता प्रक्रिया को दरकिनार करने की ‘धोखाधड़ी भरी कोशिश’ बताया। RIPL के पास परिवार की विवादित संपत्तियों का बड़ा हिस्सा है। जस्टिस जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा, 'हम एक ऐसे अखाड़े में उतर आए हैं, जिसके सामने महाभारत भी बहुत छोटा लगेगा।'
14 मई को अगली सुनवाई
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई गुरुवार, 14 मई को तय की। रानी कपूर ने संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया कपूर के खिलाफ भी निर्देश जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता पूरी होने तक प्रिया को पारिवारिक ट्रस्ट के कामकाज में दखल देने से रोका जाए।
1 मई को दिल्ली हाई कोर्ट में प्रिया कपूर के वकील ने संपत्ति की यथास्थिति बनाए रखने वाले अंतरिम आदेश को ‘संतुलित’ बताया था। उन्होंने कहा कि संपत्ति सुरक्षित रखने का प्रस्ताव उनके मुवक्किल ने स्वयं दिया था। पिछले सप्ताह कोर्ट ने भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ को मध्यस्थ नियुक्त किया था।
क्या है विवाद?
यह मध्यस्थता RK ट्रस्ट, Sona Comstar और कपूर परिवार की कंपनियों से जुड़ी है। रानी कपूर ने हाई कोर्ट में सिविल मुकदमा दायर कर ट्रस्ट को ‘गैर-कानूनी और धोखाधड़ी का नतीजा’ घोषित करने की मांग की है।
विवाद में संजय कपूर की वसीयत शामिल नहीं है, जो प्रिया कपूर और संजय की दूसरी पत्नी अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चे कियान व समायरा के बीच अलग लड़ाई का विषय है।
परिवार के सभी सदस्यों, जिनमें कियान और समायरा भी शामिल हैं, ने मध्यस्थता में शामिल होने पर सहमति जताई है। दूसरी ओर, प्रिया कपूर और संजय की बहन मंधिरा कपूर स्मिथ के बीच कथित मानहानिकारक बयानों का मामला भी चल रहा है। फरवरी में दिल्ली हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों से गरिमापूर्ण व्यवहार की अपील की थी।
