'80 साल के होकर क्यों लड़ रहे हो?' संजय कपूर प्रॉपर्टी विवाद में SC ने करिश्मा कपूर के बच्चों समेत 22 लोगों को भेजा नोटिस
संजय कपूर के निधन के बाद संपत्ति विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी मां रानी कपूर की याचिका पर प्रिया ...और पढ़ें
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सुप्रीम कोर्ट ने भेजा नोटिस (फोटो-पीटीआई)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बिजनेसमैन संजय कपूर की निधन 12 जून, 2025 को हुआ था। उनके निधन के बाद से जमीन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
संपत्ति विवाद में एक नए घटनाक्रम में, सुप्रीम कोर्ट ने आज सोमवार को संजय कपूर की मां रानी कपूर की एक याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें संजय कपूर की पत्नी प्रिया सचदेव कपूर और 22 अन्य से जवाब मांगा गया है। यह नोटिस बॉलीवुड एक्ट्रेस और संजय कपूर की पूर्व पत्नी करिश्मा कपूर के बच्चों को भी जारी किया गया है।
जस्टिस जे.बी. परदीवाला और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने यह भी संकेत दिया कि इस मामले को सुलझाने के लिए मध्यस्थता का रास्ता अपनाया जा सकता है।
घर में सुलझाए पारिवारिक विवाद
एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'आप सब क्यों लड़ रहे हैं? आप 80 साल के हैं। यह आपके क्लाइंट के लड़ने की उम्र नहीं है। एक बार में ही, शुरू से आखिर तक मध्यस्थता के लिए जाएं। वरना, यह सब बेकार है।'
बेंच ने कहा, 'पारिवारिक विवादों में लंबे समय तक कानूनी लड़ाई चलाना फायदेमंद नहीं हो सकता।' इस मामले पर अगले हफ्ते सुनवाई होने की उम्मीद है।
बेंच ने मध्यस्थता से समाधान की जरूरत पर जोर देते हुए कहा, 'अगर सभी संबंधित पक्ष मध्यस्थता के लिए जाते हैं और शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से विवादों को सुलझाने की कोशिश करते हैं, तो यह सभी के हित में होगा।'
सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा, 'अगर जरूरी हुआ तो हम मामले की सुनवाई उसके गुण-दोष के आधार पर करेंगे, लेकिन सबसे पहले हमें पक्षों को मध्यस्थता के लिए राजी करने की कोशिश करनी चाहिए।'
संजय कपूर की प्रॉपर्टी को लेकर विवाद
संजय कपूर की प्रॉपर्टी को लेकर विवाद उनकी मां रानी कपूर के मुकदमा दायर करने से शुरू हुआ है, जिसमें उन्होंने 'रानी कपूर फैमिली ट्रस्ट' के गठन को चुनौती दी है।
संजय कपूर की मां ने आरोप लगाया है कि इस ट्रस्ट की संरचना इस तरह से की गई थी कि उन्हें अपनी संपत्ति पर नियंत्रण से वंचित कर दिया गया, जिसमें 'सोना ग्रुप' में उनके हित भी शामिल थे।
रानी कपूर ने दावा किया है कि 2017 में स्ट्रोक आने के बाद, उनके दिवंगत बेटे और अन्य लोगों ने उनकी पूरी जानकारी और सहमति के बिना ही संपत्तियों के हस्तांतरण की प्रक्रिया को अंजाम दिया।
पिछले साल संजय कपूर की मृत्यु के बाद यह मामला और बढ़ गया और परिवार की संपत्तियों तथा व्यावसायिक हितों पर नियंत्रण को लेकर परस्पर विरोधी दावे सामने आने लगे। इससे जुड़े मुद्दों पर समानांतर कार्यवाही इस समय दिल्ली उच्च न्यायालय में लंबित है।
