'पार्टी बदलने वाले MP-MLA पर लगे 10 साल का बैन', कपिल सिब्बल के प्रस्ताव को CJP का समर्थन
सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने पैसे या दबाव के चलते पार्टी बदलने वाले सांसदों और विधायकों पर 10 साल के प्रतिबंध का प्रस्ताव रखा है।
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कपिल सिब्बल ने दल-बदलुओं पर 10 साल के बैन के प्रस्ताव पर CJP का समर्थन

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सीनियर वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने पैसे या दबाव के चलते राजीनीतिक पार्टी बदलने वाले विधायक और सांसदों पर 10 साल के बैन का प्रस्ताव रखा है। सिब्बल के इस प्रस्ताव का 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने समर्थन किया है। संगठन के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दिपके ने इसे समय की जरूरत बताया है।
केरल के कोच्चि में 'हॉर्स ट्रेडिंग और लोकतंत्र' पर बोलते हुए सिब्बल ने संविधान की दसवीं अनुसूची में बदलाव की मांग की, ताकि पार्टियों का विलय बड़े पैमाने पर पार्टी छोड़ने का जरिया न बन सके।
कपिल सिब्बल का प्रस्ताव
वरिष्ठ वकील ने बताया कि मौजूदा कानून के तहत, अगर किसी विधायी दल के दो-तिहाई सदस्य दूसरी पार्टी में चले जाते हैं, तो इसे विलय माना जाता है और दल-बदल के कारण उनकी सदस्यता रद नहीं होती।
सिब्बल ने इस 'खामी' को दूर करने के लिए दसवीं अनुसूची में संशोधन करने पर जोर दिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि 'विलय का मतलब राजनीतिक पार्टियों का विलय हो, न कि विधायकों का सामूहिक रूप से पार्टी छोड़ना।'
CJP ने प्रस्ताव का किया समर्थन
CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि यह उनके पहले मांग-पत्र के अनुरूप है। उन्होंने कहा, 'वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल के उस प्रस्ताव का स्वागत किया जाना चाहिए जिसमें किसी ऐसे सांसद या विधायक पर रोक लगाने की बात कही गई है जो पार्टी 'X' के चुनाव चिह्न पर चुना जाता है और बाद में पैसे या दबाव में पार्टी 'Y' में शामिल हो जाता है। उन्होंने 10 साल के प्रतिबंध की मांग की है।'
CJP के प्रस्ताव में भी शामिल
दास ने आगे कहा कि अभिजीत दिपके द्वारा जारी CJP के पहले मांग-पत्र के पांचवें बिंदु में और भी कड़े उपायों का प्रस्ताव दिया गया था. इसमें कहा गया था कि ऐसे लोगों को 20 साल तक किसी भी सार्वजनिक पद पर रहने या चुनाव लड़ने से रोका जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, 'राजनीतिक पार्टियों को तोड़ना, सांसदों को 50-100 करोड़ रुपये की रिश्वत देना और सरकारें गिराना देश के साथ धोखा है। ऐसा धोखा कभी नहीं होना चाहिए। दल-बदल विरोधी कानून पुराना हो चुका है। सत्ताधारी पार्टी ने हमेशा सत्ता में बने रहने की अपनी लालसा में इसका दुरुपयोग किया है। युवा इसे बदलेंगे।'
