'मैं MP के CM पद से इस्तीफा देता हूं...' CJP के मुखिया अभिजीत दिपके की व्यंग्यात्मक पोस्ट ने मचाई खलबली; FIR की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत पर सरकार की आलोचना करते हुए ...और पढ़ें

अभिजीत दिपके। (फाइल फोटो)
HighLights
अभिजीत दिपके ने व्यंग्यात्मक रूप से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया।
बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत पर सरकार पर साधा निशाना।
इंटरनेट मीडिया पर दिपके के खिलाफ एफआईआर/गिरफ्तारी की मांग तेज।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। प्रदेश के बालाघाट जिले में बैगा आदिवासी बच्चों की संक्रामक बीमारी से मौत के मामले को लेकर दौरे पर पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को शनिवार को इंटरनेट मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के एक समूह के विरोध का सामना करना पड़ा। इसके एक दिन बाद दिपके ने इंटरनेट मीडिया पर व्यंग्यात्मक अंदाज में ‘मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा’ देने का पत्र जारी कर नई बहस छेड़ दी। पत्र में उन्होंने खुद को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बताते हुए राज्यपाल मंगुभाई पटेल को संबोधित किया और तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने की बात लिखी।
हालांकि, अभिजीत दिपके मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री नहीं हैं। उनका यह पत्र राज्य सरकार पर निशाना साधने के लिए किया गया व्यंग्यात्मक पोस्ट था। पोस्ट सामने आने के बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे गलत पहचान बताने और सरकारी लेटरहेड के कथित दुरुपयोग से जोड़ते हुए उनके खिलाफ एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग शुरू कर दी है।
बालाघाट में बच्चों की मौत के मुद्दे पर सरकार पर कटाक्ष
दिपके ने अपने ‘इस्तीफा पत्र’ में बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत को लेकर सरकार की कथित नाकामी पर सवाल उठाए। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं, पेयजल, शिक्षा, पोषण और आदिवासी क्षेत्रों की स्थिति को लेकर कटाक्ष किया।
व्यंग्यात्मक पत्र में उन्होंने लिखा कि 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत के बाद ‘नैतिक जिम्मेदारी’ लेते हुए उनका विवेक उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बने रहने की अनुमति नहीं देता।
दिपके ने अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘मैं तत्काल प्रभाव से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देता हूं. मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मुझे मध्य प्रदेश की जनता की सेवा करने का अवसर दिया, जिसमें मैं स्पष्ट रूप से असफल रहा हूं।' इसके साथ उन्होंने सरकार पर कटाक्ष करते हुए एक फर्जी इस्तीफा पत्र भी संलग्न किया, जो देखने में हूबहू किसी सरकारी पत्र जैसा ही लग रहा था।
I hereby resign as the Chief Minister of MP with immediate effect.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) September 13, 2026
I thank Hon’ble PM @narendramodi ji for giving me the opportunity to serve the people of MP, an opportunity in which I have clearly failed.@GovernorMP pic.twitter.com/BVhfJDIf5n
दिपके की हरकत पर भड़के यूजर्स
व्यंग्यात्मक इस्तीफा पत्र सामने आने के बाद इंटरनेट मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने दिपके पर खुद को मुख्यमंत्री बताकर ‘गलत पहचान’ प्रस्तुत करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर की मांग की। वहीं कुछ लोगों ने कथित सरकारी लेटरहेड के इस्तेमाल को लेकर भी कार्रवाई की मांग की।
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बालाघाट दौरे के दौरान घेर लिया था इन्फ्लुएंसर्स ने
इससे पहले शनिवार को दिपके बालाघाट के अडोरी, कोरका और बोंडारी गांव पहुंचे थे। उन्होंने उन बैगा आदिवासी परिवारों से मुलाकात की, जिनके बच्चों की मौत संक्रामक बीमारी से होने की बात सामने आई है। इसी दौरान इंटरनेट मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के एक समूह ने उनका विरोध करते हुए उन्हें घेर लिया था। माहौल बिगड़ता देख दीपके के साथ मौजूद कार्यकर्ताओं ने उन्हें दूसरी कार में बैठाया और वहां से रवाना कर दिया था।
बहरहाल, इस पूरे विवाद के बीच दिपके का 'इस्तीफा पत्र' इंटरशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
