'आदिवासी बच्चों की मौत पर राजनीति करने आए हैं', बालाघाट में इन्फ्लुएंसर्स ने CJP के अभिजीत दिपके को घेरा
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत पर राजनीति करने के आरोप में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने घेरा।
HighLights
बालाघाट में CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को घेरा गया।
आदिवासी बच्चों की मौत पर राजनीति करने का आरोप लगा।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है।
डिजिटल डेस्क, बालाघाट। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में दौरे पर पहुंचे। इस दौरान सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के एक ग्रुप ने उन्हें घेर लिया और पूछा कि क्या वह इलाके में संक्रामक बीमारियों से कई आदिवासी बच्चों की मौत पर राजनीति करने आए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दिपके को इलाके में देर से आने के लिए माफी मांगते हुए देखा गया। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने हाल ही में इलाके में 30 से ज्यादा बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा था।
हाई कोर्ट ने भेजा नोटिस
हाई कोर्ट ने एक पीआईएल पर सुनवाई करते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बालाघाट कलेक्टर और अन्य को नोटिस जारी किए। पीआईएल में आरोप लगाया गया था कि बच्चों को सही इलाज नहीं मिल रहा है और 50 बेड की क्षमता वाले अस्पताल में लगभग 400 बच्चों का इलाज किया जा रहा है।
याचिकाकर्ता की रिपोर्ट में इलाके में भारी गंदगी का आरोप लगाया गया और कहा गया कि इन हालात की वजह से संक्रमण फैल रहा है और बच्चे बीमारियों से मर रहे हैं।
क्या है दिपके का मामला?
दिपके ने शनिवार को अडोरी, कोरका और बोंडारी गांवों का दौरा किया। वे उन आदिवासी बच्चों के परिवारों से मिले जिनकी मौत कथित तौर पर संक्रामक बीमारियों से हुई थी और स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी जुटाई।
वायरल वीडियो में एक महिला इन्फ्लुएंसर दिपके की कार के पास जाकर उनके चेहरे के सामने माइक लगाती हुई और उनसे यह पूछती हुई दिखी कि क्या वे यहां लाशों पर राजनीति करने आए हैं और वे इतनी देर से इलाके का दौरा क्यों कर रहे हैं। दिपके को यह कहते हुए सुना गया कि वे देर से आने के लिए माफी मांगते हैं।
महिला को यह कहते हुए भी सुना गया, "यहां एक अच्छी सड़क बनी है। क्या आपको यह दिखाई नहीं दे रहा?" जब स्थिति बिगड़ने लगी तो दिपके के साथ आए सीजेपी कार्यकर्ताओं ने उन्हें दूसरी कार में बिठाया और वहां से ले गए। जब सीजेपी के संस्थापक वहां से चले गए तो महिला को यह कहते हुए सुना गया, "वह भाग गए, वह भाग गए।"
स्थानीय पत्रकारों ने कहा कि वे बाहर से आए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के इस समूह को दूर-दराज के गांव में देखकर हैरान थे और सोच रहे थे कि क्या उन्हें किसी ने सीजेपी संस्थापक के दौरे में बाधा डालने के लिए भेजा था।
